What is Naula in Mountains : पहाड़ों पर ये कभी प्यास बुझाने का सबसे आसान साधन थे. पत्थरों से बने ये संरक्षित जलस्रोत आज भी उत्तराखंड की पहचान हैं. कई तो 400 से 500 वर्ष पुराने हैं. इनकी स्थापत्य कला भी अपने आप में खास है. इनके भीतर पत्थरों की मजबूत दीवारें, ऊपर छत, नीचे तक जाने के लिए छोटी-छोटी सीढ़ियां और मंदिरनुमा प्रवेश द्वार मिल जाएंगे. कई नौलों की दीवारों पर देवी-देवताओं की सुंदर नक्काशी भी देखने को मिलती है. ये हमें याद दिलाते हैं कि पुराने समय में लोग प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर कैसा जीवन जीते थे.
Bageshwar News : उत्तराखंड के ये 500 साल पुराने नौले, गर्मियों में बहता बर्फ, नई दुल्हल क्यों पूजती हैं इन्हें?
