दरांती, रस्सी और पहाड़ सा हौसला! पहाड़ों में महिलाओं की वो मेहनत जो साल भर रखती है उनके पशुओं का पेट भरा

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Pithoragarh News: पहाड़ की आत्मनिर्भरता का असली आधार वहां की महिलाएं हैं. सर्दियों में जब पहाड़ बर्फ और ठंड की चादर ओढ़ लेते हैं, तब पशुओं के चारे का संकट न खड़ा हो, इसके लिए महिलाएं अपनी जान जोखिम में डालकर महीनों पहले से तैयारी शुरू कर देती हैं. दरांती और रस्सी लेकर दुर्गम रास्तों पर मीलों का सफर तय करना और भारी गट्ठर उठाकर घर तक लाना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है.