यूपी के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने 50 हजार के इनामी बदमाश अमजद को एनकाउंटर में मार गिराया है। मंगलवार सुबह साढ़े तीन बजे पुलिस को सूचना मिली कि बदमाश अपने गांव आ रहा है। इसके आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की। पुलिस टीम ने बदमाश को कई बार आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन उसने कार्बाइन और पिस्टल से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इसमें एसपी देहात आदित्य बंसल, सीओ गजेंद्र सिंह और कोतवाल सुभाष अत्री बाल-बाल बच गए। उनके बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली घुस गई। दरोगा संदीप चौधरी और सिपाही अशफाक के हाथ में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। इस दौरान अजमद को गोली लगी। वह गिर पड़ा। पुलिस उसे उठाकर गाड़ी तक ले गई, फिर बुढ़ाना सीएचसी पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मुठभेड़ बुढ़ाना थाना क्षेत्र में हुई। 40 साल का बदमाश अजमद मुजफ्फरनगर के ही शाहपुर का रहने वाला था। उस पर कुल 40 केस दर्ज थे। पुलिस की वर्दी में वारदात को अंजाम देता था। उसने हाल ही में बुढ़ाना थाने में लूट की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस इसी मामले में उसकी तलाश कर रही थी।
गोली खत्म होने पर फायरिंग करता रहा बदमाश शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मुठभेड़ 20–25 मिनट तक चली। बदमाश ने पुलिसवालों पर तब तक फायरिंग की, जब तक उसकी पिस्टल और कार्बाइन की गोलियां खत्म नहीं हो गईं। बदमाश की गोलियां वाहनों पर भी लगीं। गोलियों से कांच टूट गए। पुलिस कर्मियों ने वाहन की आड़ लेकर अपनी जान बचाते हुए जवाबी फायरिंग की।
CM ने कहा था- ‘यूपी पुलिस मारे नहीं तो क्या गोली खाए’
3 फरवरी को योगी ने यूपी फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 के उद्घाटन के दौरान कहा था कि 2012 से 2017 के बीच यूपी में 900 से ज्यादा दंगे हुए। ऐसे वक्त पर मुझे दायित्व सौंपा गया। हमने तय किया- जीरो टॉलरेंस। बहुत बार लोग टिप्पणी करते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों मार दी। अगर पुलिस गोली न मारे तो क्या खाए। अगर उस अपराधी के पास गोली चलाने की आजादी है तो हमने भी पुलिस को पिस्तौल दी है। हाईकोर्ट ने कहा था- यूपी पुलिस तारीफ- प्रमोशन के लिए एनकाउंटर कर रही पिछले हफ्ते यूपी पुलिस के ‘हाफ एनकाउंटर’ तरीके पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा था- पुलिस अधिकारी सिर्फ तारीफ, समय से पहले प्रमोशन और सोशल मीडिया पर वाहवाही के लिए अनावश्यक रूप से गोली चला रहे हैं। हाईकोर्ट ने 6 पॉइंट पर गाइडलाइंस जारी की थी। जस्टिस अरुण कुमार देशवाल की बेंच ने साफ चेतावनी दी थी- अगर पुलिस एनकाउंटर मामलों में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का पालन नहीं हुआ तो जिले के SP, SSP और पुलिस कमिश्नर व्यक्तिगत रूप से कोर्ट की अवमानना के दोषी माने जाएंगे। 8 साल में 259 अपराधियों को एनकाउंटर में ढेर किया राज्य सरकार के अनुसार, मार्च 2017 से अक्टूबर 2025 तक यूपी पुलिस ने 259 अपराधियों को एनकाउंटर में ढेर किया है। इस दौरान 15,000 से अधिक पुलिस एनकाउंटर हुए, जिनमें 31,000 से ज्यादा अपराधी गिरफ्तार हुए और 10,000 से अधिक को गोली मारी गई।
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