योगी बोले शांति और सुरक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं:पुलिस अफसरों से कहा त्योहारों के दौरान शरारती तत्वों से सख्ती से पेश आएं

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सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोक भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश की कानून-व्यवस्था की गहन समीक्षा की। बैठक में सभी मंडलों, पुलिस जोनों, रेंजों और जिलों के प्रशासनिक तथा पुलिस अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि आगामी त्योहारों और महत्वपूर्ण आयोजनों के दौरान शांति और सुरक्षा से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि होली 2 से 4 मार्च तक मनाई जाएगी। ब्रज क्षेत्र समेत पूरे प्रदेश में होलिकोत्सव हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाए, लेकिन उपद्रवी तत्वों को माहौल बिगाड़ने की कोई गुंजाइश नहीं मिलनी चाहिए। शोभायात्राओं में अराजक तत्वों की घुसपैठ रोकने, रंग में भंग डालने वालों, उन्माद फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। होलिका दहन केवल परंपरागत स्थलों पर ही हो, सड़कों के बीच में नहीं। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाली सामग्री पर भी लगातार नजर रखी जाए। महाशिवरात्रि के मौके पर कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा को लेकर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जलार्पण के लिए निकलने वाले श्रद्धालुओं की कोई दुर्घटना न हो, इसके लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहें। वाराणसी, मेरठ, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी जैसे प्रमुख शिवधामों पर 14 और 15 फरवरी को बड़ी भीड़ उमड़ेगी। श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, महिला सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें 24 घंटे सक्रिय रहें। मंदिर परिसरों में पुलिस का व्यवहार मर्यादित हो और पर्याप्त महिला पुलिसकर्मी तैनात किए जाएं। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान रमजान माह और संभावित ईद (21 मार्च) के दौरान शांति बनाए रखने के लिए धर्मगुरुओं से संवाद स्थापित करने और किसी नई परंपरा को शुरू न करने के निर्देश दिए गए। बासन्तिक नवरात्रि (19 मार्च से) और राम नवमी की तैयारियां भी समय से पूरी की जाएं। मुख्यमंत्री ने यातायात जाम के प्रमुख कारणों की पहचान कर स्थायी समाधान लागू करने पर बल दिया, ताकि अस्थायी व्यवस्थाओं से आमजन को बार-बार परेशानी न हो। धर्मस्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों की आवाज परिसर से बाहर न जाए। विवाह या सामाजिक आयोजनों में रात 10 बजे के बाद डीजे या तेज साउंड सिस्टम पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होगी। धर्मस्थलों के आसपास भिक्षावृत्ति पर प्रभावी रोक लगाई जाए और प्रभावितों का उचित पुनर्वास हो। 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं की प्रतिक्रिया समय में सुधार, अवैध-जहरीली-नकली शराब पर पूर्ण नियंत्रण, सड़कों पर स्टंटबाजी रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के भी निर्देश दिए गए। 18 फरवरी से शुरू होने वाली यूपी बोर्ड की कक्षा 10 और 12 की परीक्षाएं पूरी निष्पक्षता और नकल मुक्त हो। परीक्षा की शुचिता भंग करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई हो। साथ ही, आगामी जनगणना के पहले चरण की तैयारियां सभी जिलाधिकारी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पिछले वर्षों की घटनाओं से सबक लेकर स्थानीय जरूरतों के मुताबिक सतर्कता, निगरानी और प्रबंधन को और मजबूत किया जाए। सभी विभाग अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी और जवाबदेही से निभाएं, ताकि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सद्भाव का माहौल बना रहे।