मुख्यमंत्री को कहा ‘राजा राम’, मोहन ने लगा दी मुहर:समर्थकों ने कमलनाथ को फिर ‘सीएम’ की रेस में खींचा; गोपाल भार्गव का छलका दर्द

Spread the love

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। ‘कमलनाथ फिर एक बार’ समर्थकों ने लगाए नारे
हाल ही में जब कमलनाथ छिंदवाड़ा पहुंचे, तो समर्थकों ने उनके सामने जमकर नारेबाजी की। ‘मध्य प्रदेश की फिर पुकार… कमलनाथ फिर एक बार…’ और ‘हमारे मुख्यमंत्री कैसे हों… कमलनाथ जैसे हों…’ नारे गूंजे। हालांकि अपने नेता के समर्थन में ऐसे नारे लगना कोई नई बात नहीं है, लेकिन ये नारे कांग्रेस के उन नेताओं को बेचैन कर सकते हैं, जो पार्टी की राजनीति में अपनी लाइन क्लीयर मानकर चल रहे हैं। यानी कांग्रेस की सरकार बनी तो मुख्यमंत्री वही बनेंगे, ऐसी उम्मीद पाले बैठे हैं। कांग्रेस में अलग-अलग बड़े नेताओं के समर्थक समय-समय पर अपने-अपने नेता को मुख्यमंत्री बनाने के नारे लगा चुके हैं। एक मौके पर सीनियर नेता सज्जन वर्मा ने जीतू पटवारी को लेकर कहा था कि अभी ये मुख्यमंत्री बनेंगे। वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के समर्थन में भी उनके समर्थकों ने नारे लगाए थे। इधर, भले ही कमलनाथ की सक्रियता इन दिनों मध्य प्रदेश की राजनीति में कुछ कम नजर आ रही हो, लेकिन उनके समर्थक उन्हें फिर से मैदान में उतारने की कोशिश में जुटे हैं। उधर दिग्विजय सिंह, अरुण यादव और अजय सिंह की भी अपनी-अपनी सियासी फील्डिंग है। कुल मिलाकर मुकाबला तगड़ा है। विधायक और सांसद ने सीएम को कहा राजा राम
भाजपा विधायक शरद कोल और भाजपा सांसद राजेश मिश्रा ने भरे मंच से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जमकर जय-जयकार की और उनकी तुलना भगवान राम से कर दी। दरअसल, मुख्यमंत्री शहडोल जिले के गंधिया पहुंचे थे, जहां उन्होंने माता शबरी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के मंच से विधायक शरद कोल ने कहा कि जिस तरह प्रभु श्रीराम ने माता शबरी को दर्शन देकर उन्हें आशीर्वाद दिया था, उसी तरह राजा राम के स्वरूप में आप हमारे बीच पधारे हैं। वहीं, सांसद राजेश मिश्रा ने कहा कि यह स्थान त्रेता युग से जुड़ा हुआ है और द्वापर युग में भगवान कृष्ण, यानी मोहन का जन्म हुआ था। आज इस स्थल पर त्रेता और द्वापर युग दोनों का अहसास हो रहा है। सांसद ने डॉ. मोहन यादव की जय के नारे भी लगवाए। बात यहीं खत्म नहीं हुई। जब मुख्यमंत्री संबोधन के लिए आए, तो उन्होंने ऐसा बयान दिया, जिससे लगा मानो उन्होंने विधायक और सांसद की भावनाओं का सम्मान किया हो। सीएम ने कहा कि जब हेलिकॉप्टर उतरा, तो वहां इतनी भीड़ थी, जैसे सभा वहीं लग गई हो। मुझे लगा यह सभा मेरे लिए नहीं है। ये लोग भगवान राम के पुष्पक विमान को देखने आए हैं।
गोपाल भार्गव बोले- मुझे दिग्विजय ने ऑफर दिया था
भाजपा के सबसे सीनियर विधायक गोपाल भार्गव ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कभी दिग्विजय सिंह ने उन्हें कांग्रेस में शामिल होने का ऑफर दिया था, लेकिन उन्होंने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया। गोपाल भार्गव का यह बयान अब सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। दरअसल, एक कार्यक्रम के दौरान वे अपनी राजनीतिक यात्रा और भाजपा के प्रति अपनी वफादारी का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति लगातार संघर्ष करता रहे, अपनी मांगें रखता रहे, लेकिन अगर सरकार सुनने को तैयार न हो, तो किसी का भी हौसला टूट सकता है। उसकी ताकत जवाब दे सकती है और मनोबल गिर सकता है। लेकिन मैंने 20 साल तक अपने मन को बांधे रखा। भार्गव ने आगे बताया कि कई मंत्री और मुख्यमंत्री उनसे कहते थे। दिग्विजय सिंह भी कहते थे कि गोपाल जी, वहां बीजेपी में क्या रखा है? कुछ नहीं है। आप हमारे पास आ जाइए, मैं आपको अच्छे विभाग का मंत्री बना दूंगा। इस पर मैंने कहा- राजा साहब, एक बात साफ कह देता हूं, यह माल टिकाऊ है, बिकाऊ नहीं। उन्होंने कहा कि वे 20 साल तक पार्टी में टिके रहे, जबकि आज लोग 20 महीने में ही पाला बदल लेते हैं। हमने धैर्य रखा और सोचा कि जब हमारी सरकार आएगी, तब अपने क्षेत्र का विकास करवाएंगे। जनता ने भी मेरा पूरा साथ दिया। अब इस बयान को गोपाल भार्गव की भाजपा में कथित उपेक्षा और उन्हें मंत्री नहीं बनाए जाने के दर्द से जोड़कर भी देखा जा रहा है। बजट की खूबियां बताने आए, कमियों पर झल्लाए मंत्री
भिंड में केंद्रीय बजट की खूबियां गिनाने पहुंचे मंत्री एदल सिंह कंसाना एक सवाल पर झल्ला गए। दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने जैसे ही सवाल किया, मंत्री ने तल्ख लहजे में कह दिया कि सरकार की आलोचना करना आपकी आदत बन गई है। मंत्री के इस बयान पर वहां मौजूद मीडियाकर्मियों ने एकजुट होकर प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह आलोचना नहीं, बल्कि सच्चाई है। दरअसल, पूरा मामला नेशनल हाईवे-719 (भिंड–ग्वालियर) से जुड़ा था। रिपोर्टर ने सवाल किया था कि बजट में इस हाईवे के उन्नयन का कोई जिक्र क्यों नहीं है। इस पर सीधे जवाब देने के बजाय मंत्री ने मीडिया पर नकारात्मकता फैलाने का आरोप लगा दिया। माहौल बिगड़ता देख मंच पर मौजूद भाजपा जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नरवरिया और विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह को हस्तक्षेप करना पड़ा। मंत्री को समझाया कि NH-719 जिले का सबसे बड़ा और संवेदनशील जनहित का मुद्दा है। इसके बाद मंत्री कंसाना शांत तो हुए, लेकिन हाईवे से जुड़े सवाल पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। अब इस पूरे घटनाक्रम पर लोग तंज कसते नजर आ रहे हैं, कह रहे हैं कि मंत्री जी तो बजट की खूबियां गिनाने आए थे, फिर भला खामियां क्यों सुनते और उन पर जवाब क्यों देते।
इनपुट सहयोग – देवेंद्र ठाकुर (छिंदवाड़ा), सौरभ पांडे (शहडोल), जितेंद्र तिवारी (सागर), पवन दीक्षित (भिंड) ये भी पढ़ें –
भरे मंच पर भाजपा विधायक ने सीएम को टोका: सिंधिया ने खुद को बताया डब्बा मंत्री शहडोल जिले के जैतपुर से भाजपा विधायक जयसिंह मरावी ने मंच पर ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को टोक दिया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा- इधर भी थोड़ा मेरा ध्यान रख लीजिए, मुख्यमंत्री जी। ये सुनकर हर कोई हैरान रह गया। पूरी खबर पढ़ें