हरियाणा सरकार लेकर आएगी झूला पॉलिसी:CM सैनी ने की घोषणा, SOP तैयार की जाएगी, देश का पहला राज्य बनेगा

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फरीदाबाद जिले के सूरजकुंड मेले में हुए झूला हादसे के बाद हरियाणा सरकार अलर्ट हो गई है। सरकार अब इन मेलों और एडवेंचर झूलों को लेकर एक फेयर पॉलिसी लेकर आएगी। इसे लेकर सीएम नायब सैनी ने घोषणा कर दी है। इस तरह की पॉलिसी बनाने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य होगा। इस पॉलिसी के तहत, कई दिनों तक चलने वाले बड़े आयोजनों में राइड और इसी तरह के सेटअप का दैनिक निरीक्षण अनिवार्य किया जाएगा। ऐसे जोन स्थापित करने के लिए विक्रेताओं और संबंधित विभागों के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOP) तैयार की जाएगी। बता दें कि, 7 फरवरी की शाम को 6 बजे सूरजकुंड मेला में सुनामी झूला टूटकर गिर गया था। जिसमें हरियाणा पुलिस के इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई थी, जबकि 12 लोग घायल हो गए थे। एडवेंचर राइड्स के लिए कोई नियम नहीं… मेलों की परमिशन का अभी ये प्रावधान हरियाणा में मेलों के आयोजन की परमिशन मुख्य रूप से जिला प्रशासन, विशेषकर संबंधित जिले के उपायुक्त या जिला मजिस्ट्रेट द्वारा दी जाती है। पशु मेलों के लिए पशुपालन विभाग और सांस्कृतिक बड़े मेलों के लिए पर्यटन विभाग की भूमिका होती है। लोकल लेवल पर, उपमंडल अधिकारी (SDM) या पुलिस प्रशासन की अनुमति आवश्यक होती है। बड़े मेले, जैसे सूरजकुंड मेला के लिए सूरजकुंड मेला प्राधिकरण (SFM) और DC फरीदाबाद संयुक्त रूप से परमिशन देते हैं। पशु मेले, हरियाणा पशु मेला अधिनियम के तहत, राज्य सरकार की स्कीम के अनुसार स्थानीय निकाय परमिशन देते हैं। हरियाणा के प्रमुख मेले हरियाणा में शिल्प, धार्मिक, कृषि और मौसम आधारित कई तरह के प्रसिद्ध मेले लगते हैं, जिनमें सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला (फरीदाबाद) सबसे प्रमुख है। प्रमुख मेलों में गोपाल-मोचन मेला, चेतर चौदास (कुरुक्षेत्र), आम मेला (पिंजौर) पंचकूला, और मनसा देवी मेला शामिल हैं। इनके अलावा भूतेश्वर मेला (जींद), डेरा सच्चा सौदा (सिरसा) पिंजौर हेरिटेज फेस्टिवल, कार्तिक सांस्कृतिक महोत्सव (गुरुग्राम) आयोजित किए जाते हैं। एडवेंचर राइड्स के लिए ऐसी होगी SOP