हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री और हॉकी प्लेयर रह चुके संदीप सिंह से जुड़े छेड़छाड़ और रेप के प्रयास करने के मामले में बड़ा अपडेट आया है। पीड़ित जूनियर महिला कोच की याचिका पर चंडीगढ़ जिला एवं सत्र न्यायाधीश एचएस ग्रेवाल ने इस मामले को किसी अन्य न्यायाधीश को ट्रांसफर करने के आवेदन को स्वीकार कर लिया। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि न्यायाधीश उसके प्रति पक्षपाती थे। अपनी याचिका में पीड़िता ने कहा था कि जज ने उसे केस की फाइल देखने नहीं दी। उसे CRPC की धारा 164 के तहत दिए गए अपने बयान की कॉपी या जानकारी नहीं दी गई। इसके अलावा जज खुद इस केस की सुनवाई कर रहे थे, जबकि वे खुद एक गवाह की सूची में शामिल थे। ऐसे में मुझे न्याय की उम्मीद नहीं है। बता दें कि 26 दिसंबर 2022 को जूनियर महिला कोच ने संदीप सिंह के खिलाफ यौन-उत्पीड़न सहित अन्य आरोप के तहत चंडीगढ़ पुलिस में शिकायत दी थी। जांच के बाद 31 दिसंबर की रात 11 बजे सेक्टर-26 थाने में संदीप सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 342, 354, 354ए, 354बी, 506 के तहत पुलिस ने केस दर्ज किया था। इसमें छेड़छाड़, गलत तरीके से कैद करने, आपराधिक धमकी देने और किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से शब्द, हावभाव या कृत्य का इस्तेमाल करने के आरोप थे। पीड़िता की ओर से दी गई शिकायत में बताया था कि मंत्री ने उसे कहा था कि तुम मुझे खुश रखों, मैं तुम्हे खुख रखूंगा। बात न मानने पर ट्रांसफर करा दिया था। हालांकि, संदीप सिंह ने इस आरोपों को पूरी तरह नकार दिया था। यहां पढ़िए किन वजहों से केस हुआ ट्रांसफर… 1. गवाह की लिस्ट में एसीजेएम का नाम
इससे पहले, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) राहुल गर्ग इस मामले की सुनवाई कर रहे थे, जो पीड़िता के बयान दर्ज करने के चरण तक पहुंच चुका था। हालांकि, सुनवाई से एक दिन पहले 30 जनवरी को जूनियर महिला कोच ने अपने वकील समीर सेठी के माध्यम से एक आवेदन दायर किया। इसमें बताया गया कि एसीजेएम का नाम स्वयं अभियोजन पक्ष के गवाहों की सूची में गवाह संख्या 19 के रूप में दर्ज है। उन्होंने कहा कि इससे उनकी अदालत के लिए मुकदमे को आगे बढ़ाने में एक मूलभूत कानूनी बाधा उत्पन्न होती है। 2. चंडीगढ़ पुलिस के झूठ पकड़ने पर एसीजेएम ने की सुनवाई
जूनियर महिला कोच ने कहा कि हालांकि अदालत के समक्ष मौखिक रूप से और निचली अदालत में आवेदन के माध्यम से भी यही आपत्तियां उठाई गई थीं, फिर भी पीठासीन अधिकारी ने स्वयं को इस मामले से अलग नहीं किया और “स्पष्ट पूर्वाग्रह” के साथ सुनवाई जारी रखी। बताया कि एसीजेएम गर्ग ने पहले संदीप सिंह के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस के झूठ पकड़ने के आवेदन पर सुनवाई की थी, जिसे उन्होंने करने से इनकार कर दिया था और उस संबंध में उन्हें अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में पेश किया गया था। 3. बयानों की प्रति कोर्ट ने देने से इंकार किया
जूनियर महिला कोच ने आगे बताया कि अदालत ने धारा 164 सीआरपीसी के तहत दर्ज उनके बयान की प्रति उन्हें लगातार देने से इनकार कर दिया है। “इसके अलावा, याचिकाकर्ता को उक्त बयान की जांच करने और मामले के रिकॉर्ड से उसकी संगति सुनिश्चित करने का उचित अवसर भी नहीं दिया गया है, जो कि शिकायतकर्ता का अधिकार है। उनके वकील ने कहा, अदालत के पीठासीन अधिकारी ने शिकायतकर्ता को उनके पूर्व न्यायिक बयान को सत्यापित करने की अनुमति दिए बिना मामले में गवाही देने का निर्देश दिया है, जो ‘प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों’ का घोर उल्लंघन है। ऐसी प्रक्रिया शिकायतकर्ता के हितों के लिए अत्यंत हानिकारक है। जूनियर महिला कोच के संदीप पर 3 गंभीर आरोप… 1. मंत्री ने स्नैपचैट व इंस्टाग्राम पर मैसेज भेजे
जूनियर महिला कोच ने आरोप लगाया था कि 2016 रियो ओलिंपिक में हिस्सा लेने के बाद वह खेल विभाग में जूनियर कोच के तौर पर भर्ती हुई थी। इसके बाद खेल मंत्री संदीप सिंह ने इंस्टाग्राम और स्नैपचैट पर उसको मैसेज भेजे। फिर मुझे चंडीगढ सेक्टर 7 लेक साइड मिलने के लिए बुलाया। मैं नहीं गई तो वे मुझे इंस्टाग्राम पर ब्लॉक और अनब्लॉक करते रहे। महिला कोच के आरोपों के मुताबिक 1 जुलाई को मंत्री ने उसे स्नैपचैट कॉल किया। जिसमें डॉक्यूमेंट्स वैरिफिकेशन के लिए मुझे सेक्टर 7, चंडीगढ़ में अपने आवास पर आने के लिए कहा। 2. मंत्री ने कहा- तुम मुझे खुश रखो, मैं तुम्हें खुश रखूंगा
जूनियर महिला कोच ने कहा कि इसके बाद वह मंत्री के सरकारी घर पर पहुंची। वहां वे कैमरे वाले ऑफिस में नहीं बैठना चाहते थे। वह मुझे अलग केबिन में लेकर गए। वहां मेरे पैर पर हाथ रखा। मंत्री ने कहा कि तुम मुझे खुश रखो, मैं तुम्हें खुश रखूंगा। मेरी बात मानने पर आपको सभी सुविधाएं और मनचाही जगह पोस्टिंग मिलेगी। महिला कोच ने संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि शाम करीब 6.50 बजे मंत्री संदीप सिंह ने उससे छेड़छाड़ की। इस दौरान महिला कोच की टी-शर्ट फट गई। किसी तरह वह उनके चंगुल से छूटकर बाहर आ गई। 3. बात नहीं मानी तो ट्रांसफर कर दिया
पीड़िता ने आरोप लगाया कि जब मैंने मंत्री की बात नहीं मानी तो मेरा ट्रांसफर कर दिया गया। मेरी ट्रेंनिग तक रोक दी गई। मैंने घटना की शिकायत के लिए DGP कार्यालय, CM हाउस और तत्कालीन गृह मंत्री अनिल विज समेत हर स्तर पर प्रयास किया, लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हुई। पीड़िता ने रेप की कोशिश के भी लगाए थे आरोप
इसके बाद महिला कोच ने दावा किया था कि संदीप सिंह ने उसे डॉक्यूमेंट चेक करने के लिए चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास बुलाकर रेप करने की कोशिश की थी। वह उनके घर पहुंची और स्टाफ से वॉशरूम पूछा।
स्टाफ ने उसे बैडरुम के वॉशरूम में भेज दिया। जब वह बाहर आई तो मंत्री उसके सामने खड़ा हुआ था। उसने अचानक मेरा हाथ पकड़ कर सामने पड़े बेड पर पुश कर दिया। इसके बाद मैं बेड पर गिर गई और वह भी इस दौरान बेड पर आ गया। कोच ने दावा किया कि उसने उसकी टी-शर्ट पकड़कर ऊपर करने की कोशिश की। इसके बाद मेरे नजदीक आने और मुझे किस करने की कोशिश की।
उसने यह भी दावा किया था कि उसके द्वारा मंत्री से छोड़ने की काफी रिक्वेस्ट की गई, लेकिन मंत्री उसे जबरन बाथरुम में लेकर गया, जहां उसने अपना लोअर भी उतार दिया। साथ ही मुझे काफी फोर्स से अपनी ओर खींचा।
इस दौरान मंत्री ने बाथरुम की कुंडी भी लगा दी। जब मैंने इसका विरोध किया गया तो वह मेरे साथ जबरदस्ती करने की कोशिश करने लगा। जब मंत्री नहीं माना तो मैंने उनको थप्पड़ मार दिया। इसके बाद मंत्री ने भी मुझे भी थप्पड़ मारा। इस पर मैं रोने लगी। तब मंत्री कहने लगा कि स्पोर्ट्स वाली लड़कियां वर्जिन नहीं होती हैं। मंत्री संदीप ने कहा था- आरोप गलत, ट्रांसफर किया तो साजिश
खेल मंत्री रहते संदीप ने इन सब आरोपों को खारिज कर दिया था। उनका कहना था कि उनके खिलाफ साजिश रची गई है, जिसमें उन्हें फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिला कोच पंचकूला में रहने के लिए इस तरह के आरोप लगा रही है। उन्होंने महिला कोच का ट्रांसफर झज्जर कर दिया और वह पंचकूला रहना चाहती थी, इसलिए ऐसे आरोप लगा रही है। ————– ये खबर भी पढ़ें… हरियाणा में पूर्व खेल मंत्री की मुश्किलें बढ़ीं:यौन शोषण के आरोप लगाने वाली कोच ने SIT जांच रिपोर्ट मांगी; चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी हरियाणा की जूनियर महिला कोच यौन शोषण केस में पूर्व खेल मंत्री संदीप सिंह की और मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। चंडीगढ़ कोर्ट में चल रहे इस केस में जूनियर महिला कोच की ओर से हरियाणा सरकार की ओर से गठित की गई SIT की रिपोर्ट के लिए एप्लिकेशन दी है। (पूरी खबर पढ़ें)
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