यूपी के 12 शहरों में कोहरे का अलर्ट:दिन में तापमान में हुआ इजाफा, आज से ठंड की होगी विदाई; शाहजहांपुर रहा सबसे ठंडा

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उत्तर प्रदेश में मौसम ने धीरे-धीरे करवट लेना शुरू कर दिया है। पछुआ हवाओं के कमजोर पड़ने और उनकी रफ्तार थमने से प्रदेश के दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। धूप में अब साफ तौर पर गर्माहट महसूस होने लगी है। मौसम विभाग ने 12 शहरों में कोहरे का अलर्ट जारी किया है। सोमवार की सुबह प्रदेश के तराई क्षेत्रों में, विशेषकर उत्तराखंड और नेपाल से सटे जिलों में कहीं मध्यम तो कहीं घना कोहरा देखने को मिला। हालांकि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहा और धूप खिली रही। जैसे-जैसे दिन चढ़ा, कोहरे का असर कम होता गया। 2 तस्वीरें देखिए-
सोमवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान के लिहाज से कानपुर और वाराणसी में सबसे गर्म रात रही, जहां तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। तापमान में यह बढ़ोतरी लोगों को सर्दी से राहत जरूर दे रही है, लेकिन दोपहर में हल्की गर्मी का एहसास बढ़ा है। कोई सक्रिय मौसम का अलर्ट नहीं मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार वर्तमान में प्रदेश में कोई भी सक्रिय मौसम तंत्र प्रभावी नहीं है। इसी वजह से अगले दो-तीन दिनों में तापमान में क्रमशः वृद्धि देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग ने अगले सात दिनों तक पूरे प्रदेश में शुष्क मौसम बने रहने की संभावना जताई है। इन 12 जिलों में हल्के कोहरे का अलर्ट
मौसम विभाग ने फिलहाल हल्के कोहरे को लेकर जिन 12 जिलों को अलर्ट पर रखा है, वे हैं— गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, बरेली, पीलीभीत, संतकबीरनगर और बस्ती।

तीन दिन मौसम कैसा रहेगा, जानिए सरसों, आलू, मटर की फसलों को नुकसान का खतरा
कड़ाके की ठंड के बीच ओले और बरसात का असर रबी की फसलों पर दिखाई दे रहा है। गेहूं की फसल के लिए यह मौसम अच्छा है। सरसों, आलू, मटर की फसलों पर बीमारियों का खतरा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि कीट और रोग का प्रकोप होने पर तुरंत इलाज करें। दवा का छिड़काव तभी करें, जब मौसम साफ हो। फरवरी के अंत तक ठंड का असर खत्म होगा
फरवरी महीने में तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। वसंत आने के साथ ठंड का असर भी कम होने लगता है। मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत के मुताबिक, फरवरी में तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। लेकिन, यह राहत ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं। बीच-बीच में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से तापमान में कुछ समय के लिए गिरावट भी देखने को मिल सकती है। इसके बावजूद फरवरी के अंत तक यूपी से ठंड पूरी तरह विदा हो जाएगी। खेती-किसानी के लिए कैसा रहेगा फरवरी
बीएचयू के कृषि विभाग के वैज्ञानिक प्रो. पीके सिंह के मुताबिक, गेहूं की फसल के लिए फरवरी का मौसम सामान्य रूप से अनुकूल माना जा रहा। हालांकि, दलहनी फसलों के लिए मौसम अनुकूल नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। पीके सिंह कहते हैं- बारिश और ओलावृष्टि होने पर गेहूं की बढ़वार प्रभावित हो सकती है। जबकि, दलहनी और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहेगा। वहीं, बारिश के बाद अगर पाला पड़ता है, तो इसका असर खासतौर पर आलू और मटर की फसलों पर पड़ सकता है। इससे किसानों को नुकसान झेलना पड़ सकता है। ——————————