करनाल नशा तस्करी मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला:दोषी को 10 साल कैद और एक लाख जुर्माना,जुर्माना न देने पर 6 माह की अतिरिक्त सजा

Spread the love

करनाल में नशा तस्करी से जुड़े एक पुराने मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। करनाल के मंगल कॉलोनी इलाके में गांजा बेचने के मामले में दोष सिद्ध होने पर कोर्ट ने आरोपी को 10 साल की सजा और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह मामला वर्ष 2020 का है, जिसमें पुलिस ने बड़ी मात्रा में गांजा बरामद किया था। 19 जनवरी 2020 को मिली थी नशा बेचने की सूचना
पुलिस को 19 जनवरी 2020 को सूचना मिली थी कि मंगल कॉलोनी स्थित एक मकान में नशा बेचा जा रहा है और वहां भारी मात्रा में गांजा मौजूद है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देने की योजना बनाई और तत्काल कार्रवाई शुरू की। छापेमारी के दौरान महिलाएं और युवक बैग के साथ दिखे
जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो मकान के पास दो महिलाएं और एक युवक नीले-काले रंग का भारी बैग पकड़े खड़े दिखाई दिए। पुलिस को देखकर युवक मौके से फरार हो गया, जबकि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों महिलाओं को काबू कर लिया। डेहा बस्ती मंगल कॉलोनी की महिलाएं काबू
पुलिस पूछताछ में महिलाओं ने अपने नाम डेहा बस्ती मंगल कॉलोनी चंद्रमुखी उर्फ चन्द्रो उर्फ सोमा पत्नी जसमेर सिंह और डेहा बस्ती मंगल कॉलोनी चांदनी देवी उर्फ चन्दा पत्नी बिट्टू बताए। फरार हुए युवक की पहचान डेहा बस्ती मंगल कॉलोनी बिट्टू पुत्र जसमेर सिंह के रूप में हुई। कानूनी प्रक्रिया के तहत करवाई गई तलाशी
पुलिस ने नियमानुसार दोनों महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी दी और उनकी सहमति के बाद वरिष्ठ अधिकारी को मौके पर बुलाया गया। अधिकारी की मौजूदगी में बैग की तलाशी ली गई, जिसमें गांजा पत्ती बरामद हुई। 24 किलो 200 ग्राम गांजा बरामद
बरामद गांजा पत्ती को इलेक्ट्रॉनिक कांटे से तौला गया, जिसका कुल वजन 24 किलो 200 ग्राम पाया गया। आरोपियों से गांजा रखने से संबंधित कोई भी दस्तावेज या अनुमति पेश नहीं की जा सकी। बरामद नशीले पदार्थ को सील कर कब्जे में लिया गया और आवश्यक कार्रवाई पूरी की गई। तीनों आरोपियों को किया गया था कोर्ट में पेश
पुलिस ने मामले में डेहा बस्ती मंगल कॉलोनी चंद्रमुखी उर्फ चन्द्रो उर्फ सोमा, डेहा बस्ती मंगल कॉलोनी चांदनी देवी उर्फ चन्दा और डेहा बस्ती मंगल कॉलोनी बिट्टू को साक्ष्यों के साथ अदालत में पेश किया था। मामले की सुनवाई के दौरान चंद्रमुखी और बिट्टू की मृत्यु हो गई। चांदनी देवी को सुनाई गई सजा
मामले की अंतिम सुनवाई एडिशनल सेशन जज रीतू की अदालत में हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने डेहा बस्ती मंगल कॉलोनी चांदनी देवी उर्फ चन्दा को दोषी करार देते हुए 10 साल कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने आदेश में यह भी जोड़ा कि जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।