मुरैना जिले के अहरौली गांव में चामड़ माता के मंदिर की छत गिर गई। मलबे में दबकर 3 बच्चियों की मौत हो गई। 4 अन्य बच्चियां और एक दंपती घायल हैं। हादसा सोमवार दोपहर करीब दो बजे मंदिर में गुंबद निर्माण के लिए पुरानी छत तोड़ते वक्त हुआ। गांव में ही रहने वाले सतीश गौड पत्नी पृथ्वी के साथ मंदिर में प्रसाद चढ़ाने आए थे। उन्होंने प्रसाद देने के लिए कुछ बच्चियों को भी मंदिर के भीतर बुला लिया। इसी दौरान पुरानी छत की पटिया गिर गई और नीचे बैठीं बच्चियां मलबे में दब गईं। इन बच्चियों की गई जान हादसे में ये घायल देखिए, तीन तस्वीरें… ग्रामीणों ने मलबे से निकाले शव
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबा हटाकर घायलों और शवों को बाहर निकाला। सूचना पर एसडीएम जौरा शुभम शर्मा, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को कैलारस अस्पताल में भर्ती कराया। गुंबद का भार नहीं सह सकी पुरानी छत
स्थानीय निवासी लालू शर्मा ने कहा- चामड़ माता के इस मंदिर की स्थापना करीब 150 साल पहले हुई थी। शुरुआत में यह मंदिर केवल चबूतरे के रूप में था। करीब 7 साल पहले ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा करके दीवारें और छोटी पटियाओं के सहारे छत बनवाई थी। फिलहाल पुरानी और कमजोर छत को हटाए बिना गुंबद बनवाया जा रहा था। इसका अतिरिक्त भार छत की पतली पटियाएं सहन नहीं कर सकीं और वे टूट गईं। ये खबर भी पढ़ें… महाकाल मंदिर के पास दीवार गिरी, दो की मौत उज्जैन में तेज बारिश के बीच महाकाल मंदिर के गेट नंबर चार के पास एक दीवार ढह गई। मलबे में दबने से दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, एक महिला और 3 साल की बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। उन्हें इंदौर रेफर किया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
मंदिर की छत गिरी, 3 बच्चियों की मौत:मुरैना में पटिया ढहने से हादसा, मृतकों में दो सगी बहनें; दंपती-बेटी समेत 6 घायल
