गुरुग्राम में सेक्टर 83 स्थित एम्मार पाम गार्डन सोसाइटी में पार्क की जमीन पर कब्जे को लेकर रेजिडेंट्स में आक्रोश है। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में रेजिडेंट्स पार्क में एकत्र हो गए हैं और कब्जा करने वालों का विरोध करने का फैसला लिया है। लोगों का कहना है कि यह जमीन मूल रूप से स्कूल और पार्क के लिए आरक्षित थी, जिसकी पुष्टि बिल्डर एम्मार द्वारा बिक्री एग्रीमेंट में स्पष्ट रूप से लिखी गई है। अब बिल्डर ने यह जमीन किसी मोटल कंपनी को बेच दी है। जो यहां कॉमर्शियल गतिविधियां करने की फिराक में है। पार्क और स्कूल की जगह कुछ और बनाने का आरोप आरडब्ल्यूए प्रेजीडेंट सुनील शर्मा, सदस्य राहुल भटनागर, अंकुश कुठियाला, दिव्या सरन आदि ने बताया कि बिल्डर ने इस सामान्य क्षेत्र की जमीन को एक तीसरे पक्ष को बेच दिया है। इससे बच्चों के खेलने की जगह खत्म हो जाएगी और पार्क की जगह पर कुछ और निर्माण हो सकता है, जो पर्यावरण और निवासियों के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। पांच फरवरी से विरोध कर रहे रेजिडेंट्स 5 फरवरी 2026 को इस जमीन पर भारी मशीनरी से निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। निवासियों के अनुसार, इससे हरित क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है और सोसाइटी की उपयोगिताओं (यूटिलिटीज) जैसे पानी, बिजली की लाइनों को क्षति पहुंची है। निवासियों ने इसे अवैध अतिक्रमण करार देते हुए तत्काल विरोध प्रदर्शन किया।
पार्क और स्कूल की जमीन बचाने के लिए कोर्ट का रुख वे पार्क को बचाने के लिए ‘सेव अवर पार्क’ जैसे नारे लगा रहे हैं और सोशल मीडिया पर इसकी वीडियो वायरल हो रही हैं। यह पहला विवाद नहीं है। वर्ष 2020-21 में भी इसी जमीन पर खोदाई शुरू होने पर निवासियों ने अदालत का रुख किया था। वह सिविल केस अभी भी कोर्ट में लंबित है। अर्जेंट याचिका भी लगाई ताजा घटना के विरोध में निवासियों ने अर्जेंट याचिका (अंतरिम याचिका) दायर की, जिसकी सुनवाई आज निर्धारित है। लेकिन सुनवाई से पहले ही खरीदार द्वारा जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। जिसके खिलाफ निवासी विरोध में उतर गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने का आरोप निवासियों का कहना है कि सोसाइटी के कॉमन एरिया और कॉन्सेप्ट गार्डन को बेचना नियमों के विरुद्ध है। यह हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (HRERA) और अन्य कानूनों का उल्लंघन है। वे मांग कर रहे हैं कि निर्माण तत्काल रोका जाए, जमीन वापस सोसाइटी को सौंपी जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो। ये है विवाद -एम्मार पाम गार्डन्स में टावर 2 के पास 0.5 एकड़ का हरा-भरा इलाका 2021 से विवादों में है -एक सिविल मुकदमा रेजिडेंट्स बनाम एम्मार इंडिया डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेंडिंग है। -इस केस में अर्जेंट सुनवाई और अस्थायी रोक की मांग की गई है।्र -एम्मार इंडिया और VPN मोटल्स के बीच पहले एक सेटलमेंट एग्रीमेंट हुआ था, जिसमें VPN मोटल्स ने इस हरे-भरे इलाके पर निर्माण के अधिकार स्थायी रूप से छोड़ दिए थे। 5 फरवरी, 2026 को VPN मोटल्स के कर्मचारियों ने परिसर में घुसकर, निशान हटा दिए और निर्माण शुरू करने की कोशिश की। -रेजिडेंट्स का आरोप है कि एमार इंडिया ने एक कन्वेंस डीड के ज़रिए विवादित ज़मीन को गुपचुप तरीके से बेच दिया है। -रेजिडेंट्स ने गैरकानूनी प्रवेश और ज़मीन हड़पने के लिए FIR दर्ज कराई है और इमरजेंसी स्टे ऑर्डर के लिए कोर्ट जा रहे हैं। ये एग्रीमेंट किया था रेजिडेंट्स से -VPN मोटल्स ने 0.5 एकड़ हरे-भरे इलाके पर सभी निर्माण अधिकार स्थायी रूप से छोड़ दिए।
-यह जमीन रेजिडेंट्स के लिए एक हरा-भरा इलाका बनी रहनी चाहिए।
-इस ज़मीन पर कोई भी कंक्रीट या ईंट की दीवार बनाने पर स्पष्ट प्रतिबंध
-इन शर्तों को भविष्य के किसी भी कन्वेंस डीड में शामिल करना अनिवार्य था
गुरुग्राम में बिल्डर के खिलाफ रेजिडेंट्स का प्रदर्शन:स्कूल-पार्क की जमीन पर ‘मोटल’ बनाने की तैयारी; एम्मार पाम गार्डन में विरोध बढ़ा
