हरियाणा बोर्ड परीक्षा में खराब पेपर की चिंता छोड़ें:चेयरमैन बोले- 15 दिन में देंगे दूसरा मौका; दोनों एग्जाम में अच्छे अंक मार्कशीट में जुड़ेंगे

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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 25 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। इस बार बोर्ड ने विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है — जिन विद्यार्थियों के किसी कारण से एक या दो एग्जाम खराब हो जाते हैं, उन्हें 15 दिन के अंदर दोबारा परीक्षा देने का मौका मिलेगा ताकि वे अपने अंक सुधार सकें। शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि 25 फरवरी से सेकेंडरी (10वीं) और सीनियर सेकेंडरी (12वीं) की परीक्षाएं प्रस्तावित हैं और डेटशीट जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री दोनों ने विद्यार्थियों से परीक्षा को एक उत्सव की तरह लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि परीक्षा को दबाव न समझें, क्योंकि परफॉर्मेंस प्रेशर हर किसी पर होता है, लेकिन आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने से परिणाम बेहतर आते हैं। दोबारा परीक्षा में बेहतर अंक होंगे मान्य डॉ. शर्मा ने बताया कि यदि किसी विद्यार्थी को लगता है कि उसकी किसी एक या दो विषयों की परीक्षा ठीक नहीं हुई, तो उसे 15 दिन बाद दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थी दोबारा परीक्षा का फॉर्म भरकर शामिल हो सकता है।
दोनों परीक्षाओं में से जिसमें अंक अधिक होंगे, वही अंक मार्कशीट में जोड़े जाएंगे।
बाहरी हस्तक्षेप पर जीरो टॉलरेंस नीति चेयरमैन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में परीक्षा केंद्रों पर बाहरी हस्तक्षेप की शिकायतें आती हैं, लेकिन इस बार हरियाणा सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री ने निर्देश दिए हैं कि परीक्षा शुरू होने से पहले सभी डीसी और जिला प्रशासन अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
यदि कोई शिक्षक, परीक्षक या परीक्षा से जुड़ा व्यक्ति अपने कर्तव्य में लापरवाही करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
5 लाख 21 हजार विद्यार्थी देंगे परीक्षा इस बार 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में कुल 5,21,795 विद्यार्थी शामिल होंगे। इनमें 10वीं के 2,78,334 और 12वीं के 2,43,461 विद्यार्थी हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 56,468 विद्यार्थी अधिक परीक्षा देंगे। परीक्षा केंद्र दो किलोमीटर के दायरे में शिक्षा बोर्ड के अनुसार, प्रत्येक विद्यार्थी का परीक्षा केंद्र उसके स्कूल या गांव से अधिकतम दो किलोमीटर की दूरी पर ही होगा। इस बार उत्तर पुस्तिकाओं पर क्यूआर कोड भी लगाए जाएंगे ताकि पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।