Uttarakhand News: उत्तराखंड को देवभूमि भी कहा जाता है. माना जाता हैं यहां कण कण में देवी देवताओं का वास है. ऐसे ही उत्तराखंड में एक वाद्य यंत्र है, जिसे बजाने से देवता प्रकट होते हैं. इस वाद्य यंत्र को ढोल कहा जाता है. ढोल का इतिहास काफी रोचक रहा है. अल्मोड़ा के ढोल विक्रेता बताते हैं कि अब बदलते समय के साथ लोग धीरे धीरे इन्हें भूलते जा रहे हैं. उत्तराखंड की लोक संस्कृति में ढोल का विशेष महत्व है. इसे देवताओं से जुड़ा वाद्य यंत्र माना जाता है, जिसे ढोल-दमाऊ के साथ बजाया जाता है. पूजा-पाठ, जागर, शादी-ब्याह और लोक नृत्यों में ढोल की गूंज माहौल को जीवंत बना देती है.
उत्तराखंड का एक ऐसा वाद्य यंत्र, जिसे बजाने से प्रकट होते हैं देवता, जानें इतिहास
