गाजियाबाद में 3 फरवरी की रात 3 बहनों ने सुसाइड किया। एक तरफ, 8 पन्नों के सुसाइड नोट से उनके कोरियाई कल्चर में पूरी तरह से ढल जाने का खुलासा हुआ। दूसरी तरफ, पिता चेतन सुसाइड की वजह बदलते रहे। चेतन की पहली पत्नी सुजाता ने पुलिस से कहा- बेटियों ने दरवाजा अंदर से लॉक कर लिया था, नहीं तो बचा लेते। हालांकि, उसके बाद चेतन की दोनों पत्नियों ने खुद को कमरे में बंद कर लिया, फिर उनके बयान नहीं हो सके हैं। अब पुलिस की छानबीन चेतन के बयान, उनकी पत्नियों की CDR, बैंक डिटेल और घर के अंदर फोरेंसिक सबूत के इर्द-गिर्द चल रही है। सुसाइड की कहानी के बीच अब कई सवाल उठने लगे हैं, जिनके जवाब पुलिस ढूंढ रही है। 3 बहनों की मौत की सच्चाई के और करीब पहुंचने के लिए दैनिक भास्कर टीम ने भारत सिटी बी-1 टावर के फ्लैट नंबर-907 में रहने वालों से बातचीत की। कई लोग ऐसे थे, जिन्होंने कैमरे पर बात करने से मना किया। मगर इस घटना पर अहम सवाल खड़े किए। पढ़िए रिपोर्ट…
राजेंद्र बोले- बच्चियां झगड़ रही थीं, हो सकता है उन्हें धक्का दिया गया हो
सोसाइटी में रहने वाले राजेंद्र शर्मा (75) 3 बच्चियों की मौत पर खफा दिखे। वह कहते हैं- उस रात (3 फरवरी) मेरे बेटे का बच्चा रो रहा था। मैं उसे चुप कराने के लिए घर से बाहर निकला और ग्राउंड में टहलाने लगा। ये वक्त कोई 2 बजे का रहा होगा। मुझे चीखने-चिल्लाने और बच्चों के झगड़ने की आवाजें सुनाई दीं। फिर कुछ देर बाद ये आवाजें आना बंद हो गईं। इसके करीब 2-3 मिनट बाद किसी के गिरने की आवाज आई। कुछ सेकेंड के अंतराल पर एक साथ 2 लोगों के गिरने की आवाज दोबारा सुनाई दी। मैं दौड़ते हुए वहां पहुंचा, देखा कि 3 बच्चियां जमीन पर पड़ी हुईं हैं, उनका खून बह रहा है। तब तक आसपास के कई पड़ोसी आ चुके थे। हमने पूछा- जो झगड़े की आवाजें आपने सुनी, क्या लगता है, क्यो हो रहा था? वह कहते हैं- जैसा सुनाई पड़ रहा था, लगा कि कोई किसी को बचा रहा हो। हो सकता है कि एक बच्ची गिर रही हो, बाकी उसे बचाने में गिर गए हो। ऐसा भी हो सकता है कि उन्हें धक्का लगा हो, ये भी हो सकता है कि उन्हें फेंका गया हो। क्योंकि बच्चियों के गिरने में काफी डिस्टेंस था।
बेटियों की मौत पर मां पति को गालियां क्यों दे रही थी?
सोसाइटी की 1 महिला ने कहा- 3 फरवरी की रात बच्चियों के सुसाइड के बाद शोर मचने लगा था। फ्लैट के लोग बाहर आ गए थे। मैं भी लिफ्ट से जल्दी-जल्दी नीचे जा रही थी। इत्तेफाक से चेतन और उनकी पत्नी सुजाता भी उसी लिफ्ट में थे। उस वक्त दोनों में झगड़ा हो रहा था। पत्नी बहुत तेज-तेज आवाज में चेतन को गालियां दे रही थी। वो लगातार अपशब्द कहती जा रही थी। पति चुपचाप सुनता जा रहा था, फिर लिफ्ट के दरवाजे खुलते ही बहुत तेजी से चेतन वहां पहुंचे, जहां बॉडी पड़ी थीं। महिला आगे बताती हैं- शव जमीन पड़े थे, खून बिखरा हुआ था। तब भी पत्नी लगातार गाली देती जा रही थी। ये सोचने वाली बात है कि जिसकी 3 बेटियों की लाश सामने पड़ी हो, वो महिला झगड़ा कर रही है और गालियां दे रही है। ये समझ पाना थोड़ा मुश्किल है। लोगों ने पूछा- बेटियां मर गईं, फिर पापा मास्क क्यों लगाए?
सोसाइटी में बी-1 टॉवर में रहने वाले लोगों से बातचीत करते हुए एक शख्स ने सवाल उठाए। बोले- चेतन पूरे समय मास्क लगाए रहे, जिसके घर की 3 बच्चियां मर गई हों, वो मुंह को छिपा रहा है। आप सोचिए कि अगर किसी के बच्चे को बुखार भी होता है, तो पैरेंट्स परेशान हो जाते हैं, उन्हें अपने पहनावे का ध्यान तक नहीं रहता है। यहां इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी उन्हें मास्क लगाना याद रहा। सवाल ये भी है कि वो खुद को सबसे अलग क्यों रख रहे हैं? उनके चेहरे पर दर्द जैसा नहीं दिख रहा था। मौत के 48 घंटे बाद भी दोनाें मां सामने नहीं आ
पड़ोसियों ने कहा- बच्चियों के बालकनी से नीचे गिरने के बाद चेतन की पत्नी सुजाता और हिना सोसाइटी में दिखीं थीं। फ्लैट में उनकी तीसरी बहन टीना भी थी। उस वक्त के बाद से फ्लैट के दरवाजे बंद रखे गए। घर में चेतन, 2 पत्नियां, 1 बहन, 7 साल का बेटा और 3 साल की बेटी हैं। जब एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने दोनों पत्नियों से बात करनी चाही तो उन्होंने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। सिर्फ पिता ही नहीं, दोनों मां भी लोगों को फेस करने से बच रही हैं। 5 फरवरी की शाम को कुछ रिश्तेदार महिलाएं फ्लैट पर पहुंचीं। 35 मिनट तक बाहर खड़ी रहीं, इसके बाद चेतन ने गेट खोला, उस वक्त भी वो मास्क लगाए थे। महिलाओं को अंदर करके तुरंत दरवाजा बंद कर लिया। किसी से कोई बात नहीं की। बेटियों ने फर्श पर सिर्फ पापा की फोटो क्यों लगाई?
10 फ्लोर के फ्लैट से बाहर आई एक महिला कहती हैं- वो छोटी-छोटी बच्चियां थीं। उन्होंने अपने कमरे की फर्श पर छोटे-छोटे फोटो काटकर चिपकाए थे। आखिर बच्चियों ने ऐसा क्यों किया होगा? आखिर कुछ बात तो उनके मन में रही होगी, तभी तो उन्होंने फर्श पर सिर्फ पिता की ही फोटो चिपकाईं। इनमें एक भी तस्वीर मां की नहीं थी। 3 बेटियां की 2 मां थीं, क्या वो अपनी किसी मां से लगाव नहीं रखती थीं। कुछ तो कहानी है, जो सामने नहीं आई है। डायरी में सिर्फ पापा के लिए ही क्यों ‘सॉरी’ लिखा?
उसी टॉवर में 11वें फ्लोर के फ्लैट में रहने वाले पड़ोसी कहते हैं- जो सुसाइड नोट वाली डायरी मिली है, उसमें पापा के लिए ही सॉरी क्यों लिखा गया? मम्मी के लिए एक शब्द भी नहीं लिखा, जबकि हर मां अपनी बेटी को सबसे ज्यादा प्यार करती है। बेटियां भी अपनी मां से हर बात शेयर करती हैं। ये बच्चियां तो कम उम्र की थीं, उनके मन में कुछ तो ऐसा चल रहा होगा, जो मां का कोई जिक्र ही नहीं किया। महिला ने कहा- बच्चों की मौत का सही कारण सामने आए
11वें फ्लोर पर रहने वाली ईशा त्यागी कहती हैं- तेज आवाज सुनने के बाद मैंने बालकनी से झांककर देखा। फिर लोगों के साथ मैं नीचे आ गई। फ्लैट कल्चर में लोग ज्यादा घुलते-मिलते नहीं हैं। बच्चों को इंसाफ मिलना चाहिए। उनकी मौत की असली वजह सामने आनी चाहिए। क्या वो गेम का एडिक्शन था। सोशल मीडिया के ज्यादा यूज से क्या उन बच्चों में एग्रेशन आ गया था। ऐसे बच्चे मां-पिता की बातें नहीं सुनते हैं। इसमें सबसे ज्यादा चौंकाने वाला यही है कि ये तीन बच्चों ने मिलकर किया है। एक बच्चे का समझ आता है कि वो किसी बात से परेशान था, मगर एक साथ तीन बच्चे एक ही वजह से मर रहे हैं, ये बड़ी बात है। अब 2 तस्वीर में 5 फरवरी को महिला रिश्तेदारों का फ्लैट के बाहर खड़े रहना, फिर चेतन के सामने आने का सीन देखिए… पिता बोले- कोरियन वीडियो इंडिया में बैन होने चाहिए 3 बहनों की खुदकुशी की गुत्थी उलझती जा रही है। इन लड़कियों के पिता से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने दरवाजा नहीं खोला। बल्कि दरवाजे पर लगी जाली के दूसरी ओर से ही जवाब देते रहे। पिता ने बताया कि बच्चों ने कोरियन पर्सनैलिटी बनाई थी और अपना नाम बदल दिया था। सरकार से मांग है कि कोरियन ड्रामा, वीडियो जो भी चल रहे हैं, जिनसे बच्चे एडिक्ट हो रहे हैं, वे सभी बन्द होने चाहिए। मेरे तो तीन बच्चे चले गए। मेरा तो जीवन चला गया। ताकि किसी ओर के बच्चे की जान न जाए। बता दें कि तीन नाबालिग बहन निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) ने 3 फरवरी की रात 2 बजे बालकनी से छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली थी। उन्होंने 8 पन्ने के सुसाइड नोट में लिखा कि सॉरी पापा, आई एम रियली सॉरी। इन बच्चियों का अंतिम संस्कार 5 फरवरी को दिल्ली में किया गया। इसके बाद पिता चेतन अपने गाजियाबाद वाले फ्लैट पर लौटकर आ गए। तीन साल से किराये के फ्लैट पर रहता है परिवार
चेतन कुमार ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग करते हैं। वह पिछले 3 साल से भारत सोसायटी में किराये के फ्लैट में 2 पत्नियों सुजाता और हिना और 5 बच्चों के साथ रह रहे हैं। आत्महत्या करने वाली लड़कियों में से निशिका, चेतन की पहली पत्नी सुजाता और प्राची व पाखी दूसरी पत्नी हिना की बेटियां थीं। चेतन की पहली पत्नी सुजाता से कई वर्ष तक कोई संतान नहीं हुई, तो उन्होंने सुजाता की बहन यानी अपनी साली हिना से शादी कर ली। इसके कुछ ही महीने बाद सुजाता से निशिका का जन्म हुआ। दूसरी पत्नी हिना से प्राची, पाखी व एक और बेटी का जन्म हुआ। बाद में पहली पत्नी से बेटा लविश (7) पैदा हुआ, जो मानसिक रूप से कमजोर है और बोल भी नहीं सकता। अब क्राइम सीन की 2 तस्वीर पुलिस जांच जारी DCP बोले- सभी एंगल पर जांच कर रहे
DCP ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल – मैं आपको बता दूं कि हर पहलू की जांच की जा रही है। फिलहाल परिवार की चुप्पी, मां का सामने न आना और घटनाक्रम में दिख रही कई कड़ियां छानबीन का हिस्सा है। पति और दोनों पत्नियों से बातचीत की जा रही है। जल्द नए फैक्ट सामने आएंगे।
…………… ये पढ़ें – सुसाइड करने वाली 3 बहनों का रहस्यमयी कमरा:दीवारों पर स्केच, क्रॉस के निशान, लिखा- मैं बहुत अकेली हूं
बिखरा सामान, दीवार पर राधा-कृष्ण की तस्वीर और जगह-जगह पेंसिल से बने स्केच। फिर उस पर बना क्रॉस का निशान। साथ में लिखा है, “ ‘I am very alone। Make me a heart of broken यानी मैं बहुत अकेली हूं। मेरा दिल टूट गया है।” गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी का यह वह फ्लैट है, जहां से कूदकर 3 नाबालिग बहनों निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) ने सुसाइड कर लिया। अब तक की जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें ऑनलाइन गेम ‘कोरियन लव गेम’ में इतना डूब चुकी थीं कि वह उससे बाहर नहीं निकल पाईं। भास्कर रिपोर्टर फ्लैट के उन 2 कमरों में पहुंचा जहां से तीनों बहनें कूदी थीं। फ्लैट में 3 कमरे हैं। एक कमरे में तीनों बहन रहती थीं, दूसरी में उनके पिता और तीसरा कमरा खाली था। खाली कमरे से ही बालकनी अटैच थी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
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