भिवानी के व्यक्ति से 6.56 लाख रुपए की साइबर ठगी करने वाले करनाल के आरोपी ठग ने पुलिस पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। पुलिस पूछताछ के अनुसार आरोपी कंबोडिया की 2 यात्रा कर चुका है। आरोपी खुद ऑनलाइन गेम खेलता था और उसकी के चलते कंबोडिया यात्रा करने गया। जिसके बाद आरोपी चाइनीज व्यक्ति के संपर्क में आया और ऑनलाइन माध्यम से लोगों को निशाना बनाया। भिवानी के साइबर क्राइम थाना SHO विकास कुमार ने बताया कि ऑनलाइन माध्यम से एक शिकायत मिली थी। जिसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे टेलीग्राम पर एक लिंक प्राप्त हुआ था। उस लिंक पर टॉस्क पूरा करवाने के नाम पर उससे पैसे ट्रांसफर करवाए गए। उसके साथ 6 लाख 56 हजार 517 रुपए का फ्राड कर लिया। करनाल का रहने वाला आरोपी गिरफ्तार किया गया आरोपी करनाल के सेक्टर-14 निवासी करण चोपड़ा बी-कॉम पास है। आरोपी पहले गेम खेलता था, गेम के जरिए ऑनलाइन माध्यम से एक इवेंट में शामिल हुआ और उसके बाद वह कंबोडिया का विजिट करता रहा। कंबोडिया में आरोपी की मुलाकात एक चाइनीज व्यक्ति से हुई। उसी चाइनीज के कहने पर यह इंडिया में साइबर फ्राड में शामिल होता है। उसके कहने पर साइबर फ्राड की राशि को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर करके उसके कहने पर उस राशि को हेराफेरी करता था। उन्होंने बताया कि आरोपी पिछले करीब एक साल से इसमें शामिल था। यह सभी कार्य चाइनीज के कहने पर ही ऑपरेट करता था। चाइनीज व्यक्ति बताता था कि किन खातों में पैसों में डालने हैं। ये फ्राड की राशि एक खाते से दूसरे खाते में डालने का काम करते थे। चाइनीज के कहने पर करता था ठगी
साइबर क्राइम थाना भिवानी के प्रभारी उप निरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि जो चाइनीज आरोपी है, उसके बारे में भी जांच की जा रही है। इसके द्वारा अलग-अलग जो खाते इस्तेमाल किए हैं, उनकी जानकारी बैंकों से मांगी गई है। डिटेल आने के बाद पूरा मामला स्पष्ट होगा। जो ठगी की राशि चाइनीज व्यक्ति ही खातों में डलवाता था और अलग-अलग खातें में उसे कन्वर्ट करवाता था। करण उसकी मदद करता था। इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश को लेकर भी जांच की जा रही है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी को एक चाइनीज टेलीग्राम आइडी ऑपरेट कर रहे थे। पिछले कुछ समय से बाहर के गैंग निवेश के नाम पर धोखाधड़ी व टॉस्क के नाम पर धोखाधड़ी कर रहे है। वे लोगों को झांसे में लेकर ठगी की जाती है। उस राशि को एक तरह से इंडियन एजेंट की सहायता से एक खाते से दूसरे खाते में या क्रिप्टो करंसी में कनवर्ट करके उसको विदेश में ले जाते थे। आरोपी की भूमिका ठगी की राशि को एक खाते से अलग-अलग खातों में डालकर चाइनीज के पास भेजता था। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह 2 बार विदेश की यात्रा भी कर चुका है। यह था मामला, जिसमें गिरफ्तारी हुई
भिवानी निवासी एक शिकायतकर्ता ने थाना साइबर क्राइम भिवानी में शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसमें उसने बताया कि वह एक लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में कार्यरत है। 12 जनवरी को उसके व्हाट्सएप पर पार्ट-टाइम जॉब/इन्वेस्टमेंट का मैसेज आया, जिसके बाद उसे एक टेलीग्राम लिंक भेजा गया। आरोपियों द्वारा उसे अलग-अलग टास्क के नाम पर 13 ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 6 लाख 56 हजार 517 रुपए इन्वेस्ट करवाए गए और बाद में धोखाधड़ी कर ली गई। शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम भिवानी में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि वह युवाओं व पढ़ने वाले छात्रों को पैसों का लालच देकर उनकी आईडी, बैंक खाते व मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करता था।
करनाल के युवक ने कंबोडिया में बनाया ठगी का प्लान:चाइनीज व्यक्ति से हुई मुलाकात, ऑनलाइन गेमिंग कर की विदेश यात्रा, बीकॉम तक पढ़ा
