पानीपत के गांव फरीदपुर के पास एक हादसा हो गया। यहां एक पशुपालक अपनी भैंस को ट्रेन की चपेट में आने से बचाने की कोशिश करते हुए खुद भी मौत के मुंह में समा गया। इस दर्दनाक हादसे में 55 वर्षीय गुरदयाल और उसकी भैंस, दोनों की ही मौके पर मौत हो गई। हादसे का पता लगने पर मौके पर जीआरपी पहुंची। जिन्होंने ही परिजनों को सूचित किया। परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने इत्तेफाकिया कार्रवाई करते हुए पोस्टमॉर्टम करवा कर पशुपालक का शव परिजनों को सौंप दिया है। भैंस को घुमाने के लिए लेकर गया पशुपालक जानकारी के अनुसार, गांव फरीदपुर निवासी गुरदयाल (55) पेशे से पशुपालक थे। रोजाना की तरह शनिवार शाम को भी वे अपनी भैंस को घुमाने के लिए पशुबाड़े से बाहर लेकर गया था। टहलते हुए जब वे फरीदपुर रेलवे फाटक के पास पहुंचे, तो अचानक उनकी भैंस रेलवे ट्रैक पर चढ़ गई। उसी समय ट्रैक पर तेज रफ्तार ट्रेन आती दिखाई दी। अपनी भैंस को बचाने के लिए गुरदयाल आनन-फानन में ट्रैक पर चढ़ गए और भैंस की पूंछ पकड़कर उसे नीचे खींचने का प्रयास करने लगे। बदकिस्मती से जब तक वे भैंस को हटा पाते, ट्रेन बेहद करीब आ गई और दोनों ट्रेन की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गुरदयाल और भैंस दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ गुरदयाल अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। वे दो बच्चों के पिता थे, जिनमें एक बेटा और एक बेटी है। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि गुरदयाल को अपने पशुओं से बहुत लगाव था, और इसी लगाव के चलते उन्होंने अपनी जान की परवाह नहीं की।
पानीपत में ट्रेन से कटकर पशुपालक की मौत:रेलवे ट्रैक पर चढ़ी भैंस को बचाने की कोशिश, दो बच्चों का पिता
