लखनऊ में शुक्रवार को CIMAP में 2 दिवसीय किसान मेले का आज से आगाज हो गया। हरियाणा के करनाल के राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI) के निदेशक डॉ.धीर सिंह ने किसान मेले की औपचारिक शुरुआत की। इस दौरान कई राज्यों से आए किसान भी मौजूद रहे। CIMAP के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने किसानों से अपील की कि वे औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती अपनाएं। उन्होंने बताया कि संस्थान पुदीना सहित कई फसलों की खेती, प्रसंस्करण और बिक्री से जुड़ी पूरी जानकारी और तकनीक किसानों को उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को नई तकनीक और प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। मेले के संयोजक डॉ.संजय कुमार ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य किसानों को नई खेती की तकनीकों से जोड़ना, औषधीय और सुगंधित फसलों की खेती को बढ़ाना और किसानों को बाजार से जोड़ना है, ताकि उनकी आमदनी बढ़ सके। 2 MOU हुए साइन उद्घाटन सत्र में दो महत्वपूर्ण समझौते किए गए। पहला समझौता CIMAP और डॉ.राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ के बीच हुआ, जिससे नई औषधियों के परीक्षण में मदद मिलेगी। दूसरा समझौता CIMAP और NDRI, करनाल के बीच हुआ। जिसमें सुगंधित पौधों के बचे हुए हिस्सों को पशु चारे के रूप में इस्तेमाल करने पर काम किया जाएगा। क्वालिटी पौध वितरित की गई इस मौके पर गुलाब की खेती से जुड़ी जानकारी वाला एक बुलेटिन और तितलियों पर आधारित एक पुस्तक भी जारी की गई, जिससे किसानों को खेती और पर्यावरण की बेहतर जानकारी मिल सके।
कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों ने किसानों से सीधा संवाद किया और खेती, फसल कटाई के बाद की देखभाल, प्रसंस्करण, बाजार और सरकारी योजनाओं पर उपयोगी जानकारी दी। इसके साथ ही किसानों को अच्छी गुणवत्ता की पौध भी वितरित की गई।
लखनऊ में CIMAP में किसान मेले का आगाज:पहले दिन लोहिया संस्थान-NDRI के साथ MOU, कई राज्यों के किसान पहुंचे
