भिवानी टीचर मनीषा डेथ मिस्ट्री-CBI की चुप्पी पर भड़का परिवार:31 को पंचायत, CM से मिलेंगे; पिता बोले-सबकुछ क्लीयर, नहीं हो रहा खुलासा

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भिवानी के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी टीचर मनीषा की मौत मामले में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की जांच जारी है। अब मनीषा के पिता संजय कुमार ने कहा कि सीबीआई को 31 जनवरी तक का समय दिया गया था। लेकिन सीबीआई द्वारा कोई भी खुलासा नहीं किया गया है। इस मामले को लेकर अब 31 जनवरी को गांव में पंचायत की जाएगी। इस पंचायत में गांव के मौजिज लोग शामिल होंगे। जिसमें फैसला लिया जाएगा कि आगे क्या कदम उठाया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से भी मिलने का समय मांगा गया है। सीएम से भी न्याय के लिए मुलाकात की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी रिपोर्ट आ चुकी हैं और मामला स्पष्ट हो चुका है, लेकिन अभी तक खुलासा नहीं हो पाया। बेटी को नहीं मिल पाया न्याय : संजय कुमार गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी संजय कुमार ने बताया कि उसकी बेटी को आज तक न्याय नहीं मिल पाया है। सीबीआई की जांच भी चल रही है। सीबीआई ने 90 दिन का टाइम मांगा था, जो कब का पूरा हो चुका है। लेकिन अभी तक सीबीआई ने कोई भी खुलासा नहीं किया है। जबकि सीबीआई जांच को शुरू हुए करीब 5 माह हो चुके हैं। वहीं मनीषा की मौत केस से जुड़ी हुई सभी रिपोर्ट भी आ चुकी हैं और मामला भी क्लीयर हो चुका है। लेकिन सीबीआई अब खुलासा नहीं कर रही। यह पता नहीं क्यों नहीं कर रही। 1 फरवरी को होगी आसपास के गांवों की पंचायत उन्होंने कहा कि, पहले भी सीबीआई को 31 जनवरी तक का समय दिया गया था। मांग थी कि खुलासा करें और दोषियों को सबके सामने लाएं। लेकिन समय अवधि समाप्त होने तक कोई भी खुलासा नहीं किया गया। जिस कारण 31 जनवरी को गांव में गांव के लोगों की पंचायत की जाएगी। इसके बाद 1 फरवरी को आसपास के 7-8 गांवों की पंचायत होगी। जिसमें आगे की रणनीति बनाई जाएगी। वहीं जरूरत पड़ी, तो बड़ा फैसला लेकर जनता के बीच जाएंगे। सीएम से भी होगी मुलाकात
संजय कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री से भी मिलने का समय लिया गया है। समय मिलते ही मुलाकात करके मुख्यमंत्री से भी डिमांड की जाएगी कि उनकी बेटी की मौत मामले का जल्द से जल्द खुलासा किया जाए। संजय कुमार ने कहा कि अभी तक परिवार न्याय की उम्मीद में बैठा है और टूटता जा रहा है। वे न्याय के इंतजार में घर को भी नहीं संभाल पा रहे। 11 अगस्त को लापता हुई, 13 अगस्त को शव मिला संजय ने बताया था कि उसकी बेटी मनीषा 11 अगस्त को प्ले स्कूल में ड्यूटी पर गई थी। इसके बार वह नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए जाने की बात कहकर गई थी। जिसके बाद मनीषा घर नहीं लौटी। इसके बाद 13 अगस्त को मनीषा का शव गांव सिंघानी के खेतों में पड़ा हुआ मिला। इसके बाद परिवार ने हत्या का आरोप लगाया और पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया। लोगों ने मनीषा को न्याय दिलाने के लिए धरना प्रदर्शन किया। 18 अगस्त को पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया। इसके बाद लोगों का विरोध बढ़ गया। बढ़ते आंदोलन को देखते हुए मनीषा का तीसरी बार दिल्ली एम्स में पोस्टमॉर्टम करवाया और जांच CBI को सौंप दी। भिवानी में 4 बार जांच के लिए पहुंच चुकी CBI
बता दें कि, पुलिस द्वारा जांच के बाद हरियाणा सरकार ने इस मामले को CBI को सौंप दिया था। जिसके बाद 3 सितंबर को CBI की टीम भिवानी पहुंची। टीम जांच के लिए 4 बार भिवानी आ चुकी है और अपने स्तर पर जांच कर चुकी है। इसके बाद वह दिल्ली लौट गई। सीबीआई के भिवानी पहुंचने के बाद 107 दिन हो चुके हैं, लेकिन CBI की तरफ से अभी तक कोई ऑफिशियल जानकारी सांझा नहीं की है।