पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में गुरुवार को यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस सूर्यप्रताप सिंह की अदालत में करीब आधे घंटे तक बहस हुई। ज्योति के वकील रविंद्र सिंह ढुल ने इस केस में अपना पक्ष रखते हुए बताया कि ज्योति मल्होत्रा ने किसी तरह की कोई भी देश विरोधी चीजें पाकिस्तान नहीं भेजी हैं। रविंद्र ढुल ने बताया कि पुलिस ने बिना किसी आधार के एफआईआर दर्ज की है। सीक्रेट एक्ट लगाते समय यूनियन होम मिनिस्टर कम्पीटेंट अथॉरिटी की कंप्लेंट होनी जरूरी है, मगर ज्योति के केस में ऐसा कुछ नहीं हुआ। वकील ने बताया कि पुलिस जिस डैम की वीडियो बनाने का जिक्र कर रही है उसी भाखड़ा डैम ने वीडियो और लोकेशन अपनी वेबसाइट पर डाली हुई है। ज्योति ने टूरिज्म को प्रमोट करने के लिए डैम के वीडियो बनाए थे। कोर्ट में नहीं पहुंचा जांच अधिकारी वकील रविंद्र ढूल ने बताया कि ज्योति केस में आज कोर्ट में सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी नहीं पहुंचा। वकील ने कहा कि जमानत की सुनवाई के दौरान आईओ का होना जरूरी है। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी और जांच अधिकारी को सारे रिकॉर्ड के साथ पेश होना होगा। इसके बाद जस्टिस ने कहा कि ज्योति केस की सुनवाई के दौरान अगली बार रोस्टर चेंज नहीं होगा। वकील ने बताया कि अब इस मामले की सुनवाई जस्टिस सूर्यप्रताप सिंह ही करेंगे। बता दें कि, जासूसी गतिविधियों के आरोप में मई 2025 से जेल में बंद ज्योति ने अपनी रिहाई के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। ज्योति को 15 मई को किया था गिरफ्तार बता दें कि हिसार पुलिस ने ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी के शक में 15 मई को गिरफ्तार किया था। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की धारा 3, 4 और 5 के तहत जासूसी, राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने और गोपनीय जानकारी साझा करने जैसे गंभीर आरोप हैं। पाकिस्तान और चीन की यात्रा से शक के घेरे में आई थी ज्योति ट्रैवल ब्लॉगर ज्योति मल्होत्रा सुरक्षा एजेंसियों की नजर में तब आई जब वह पिछले साल 2024 में 2 महीने के भीतर पाकिस्तान और फिर चीन गई थी। ज्योति मल्होत्रा के यूट्यूब पर अपलोड वीडियो की डेट के अनुसार वह 17 अप्रैल 2024 को पाकिस्तान गई थी। 15 मई तक वह पाकिस्तान में ही रही। इसके बाद भारत लौटी। पाकिस्तान से लौटने के 25 दिन बाद ही 10 जून को वह चीन चली गई। 9 जुलाई तक चीन में रही और फिर वहीं से 10 जुलाई को नेपाल में काठमांडू पहुंच गई। इससे पहले वह करतारपुर कॉरिडोर से पाकिस्तान गई तो वहां पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री और पूर्व पीएम नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज शरीफ से मिली और उनका इंटरव्यू तक किया।
ज्योति मल्होत्रा की जमानत पर हाईकोर्ट में सुनवाई:वकील ने कहा- देश विरोधी कोई सूचना पाकिस्तान नहीं भेजी, जांच अधिकारी तलब किया
