जींद जिले में गांव सिवाहा के रहने वाले एक फर्नीचर कारीगर ने सूदखोर के दबाव और धमकियों से परेशान होकर जहरीली गोलियां निगल लीं। उसको गंभीर हालत में अस्पताल में दाखिल कराया गया। पुलिस ने इस मामले में गहन जांच के बाद आरोपी सूदखोर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। जाने क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिवाहा निवासी सतीश (35) ने करीब एक साल पहले गांव के ही रोहित नामक व्यक्ति से ₹55,000 उधार लिए थे। सतीश का आरोप है कि उससे 10 प्रतिशत मासिक ब्याज (₹5,500 प्रति महीना) वसूला जा रहा था। छह महीने तक ब्याज भरने के बाद जब सतीश की आर्थिक स्थिति बिगड़ी, तो वह डर के मारे अपना गांव छोड़कर शामलो कलां में किराए पर रहने लगा। मारपीट और घर खाली करने की धमकी सतीश ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह फर्नीचर का काम करके अपने परिवार का गुजारा कर रहा था। इसी दौरान काम में देरी होने पर एक अन्य व्यक्ति राममेहर ने उसके साथ दुकान में घुसकर मारपीट की और उसे गांव छोड़ने की धमकी दी। दबाव तब और बढ़ गया जब 19 जनवरी को आरोपी रोहित उसे पिल्लूखेड़ा मंडी में मिला और बकाया पैसों के लिए उसे बुरी तरह धमकाया। रोहित ने चेतावनी दी कि यदि पैसे नहीं चुकाए, तो वह सतीश का मकान खाली करवा लेगा। इस मानसिक प्रताड़ना और लोक-लाज के डर से सतीश ने इसके बाद गेहूं में रखने वाली जहरीली गोलियां खा लीं। अस्पताल में चल रहा है इलाज हालत बिगड़ने पर परिजनों ने सतीश को तुरंत जींद के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए PGI रोहतक रेफर कर दिया गया। हालांकि, परिजन उसे निजी इलाज के लिए मलिक अस्पताल ले गए। अब उसको होश आने पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस की मौजूदगी में सतीश के बयान दर्ज किए गए। पुलिस की कार्रवाई सदर थाना जींद के SI विनोद कुमार ने बताया कि पीड़ित के बयानों और प्राथमिक जांच के आधार पर आरोपी रोहित के खिलाफ BNS की धारा 308(3) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि ब्याज के नाम पर दबाव बनाना और आत्महत्या के लिए मजबूर करना एक गंभीर अपराध है।
जींद में फर्नीचर कारीगर ने जहर खाया, हालत गंभीर:10% ब्याज पर लिए थे 55 हजार रुपए; सूदखोर ने दुकान में घुसकर पीटा, गांव छूटा
