फतेहाबाद में एक युवक ने जहरीला पदार्थ निगल कर सुसाइड कर ली। युवक के परिजनों ने एक पुलिसकर्मी पर टॉर्चर करने के आरोप लगाए हैं। परिजनों ने पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, युवक की मौत रविवार रात को हुई। मगर सोमवार शाम तक पोस्टमॉर्टम कार्रवाई शुरू नहीं करवाई जा सकी। वहीं, पुलिसकर्मी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में इस केस में किसी भी तरह का अपना रोल होने से इनकार किया। पुलिसकर्मी का कहना है कि मृतक पर दो केस दर्ज थे। वह सोशल मीडिया पर भी पुलिसकर्मियों व अन्य लोगों को खुलेआम गंदी गालियां निकालता था। घर के बाहर गली में मिला था बेहोशी की हालत में गांव ढाणी माजरा निवासी सोमबीर मांजू ने बताया कि उसके छोटे भाई सीताराम मांजू ने रविवार रात को जहरीला पदार्थ निगल कर सुसाइड कर ली। वह घर के बाहर ही गली में बेहोशी की हालत में मिला। उसके भांजे ने उसे देखा और तत्काल फतेहाबाद के प्राइवेट अस्पताल में लेकर आए। मगर वहां उसने दम तोड़ दिया। बाद में बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। पत्नी के साथ अलग रहता था सीताराम सोमबीर मांजू ने बताया कि वे पांच भाई थे। सबसे बड़े देवेंद्र, फिर सुरेंद्र, सोमबीर, भाल सिंह व सीताराम हैं। इनमें से देवेंद्र सिंह का कुछ साल पहले निधन हो गया था। सीताराम सब भाईयों में सबसे छोटा था। वह अपनी पत्नी अंजना व बेटे शिवम के साथ अलग रहता था। बेटा शिवम इन दिनों हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था। सोमबीर ने आरोप लगाया कि उसके भाई को 20 नवंबर को कोर्ट परिसर से पुलिस ने उठा लिया था। उसे 21 नवंबर को फिर से कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे जमानत मिल गई थी। जब से जमानत लेकर भाई घर लौटा, तब से बार-बार पुलिसकर्मी का नाम लेकर ही सहम रहा था। वह कहता था कि उक्त पुलिसकर्मी उसको और मुकदमों में फंसाने की धमकी देता है। परिजनों ने पुलिसकर्मी पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि जब तक पुलिसकर्मी पर एफआईआर नहीं होगी, तब तक पोस्टमॉर्टम भी नहीं करवाएंगे।
फतेहाबाद में युवक ने जहर खाकर की आत्महत्या:परिजनों ने पुलिसकर्मी पर टॉर्चर का आरोप लगाया; शव का पोस्टमॉर्टम करवाने से इनकार
