सिरसा जिले के एक छात्र की राजस्थान में ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। राजस्थान जीआरपी इसे सुसाइड बता रही है और परिवार इस पर चिंतित है और घटना के पीछे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। छात्र की पहचान जिले के गांव हिमायूं खेड़ा निवासी सरताज सिंह के रूप में हुई है और वह परिवार का इकलौता चिराग था। वह इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा (जेईई) की तैयारी कर रहा था। जानकारी के अनुसार, सरताज सिंह पिछले दो वर्षों से राजस्थान के कोटा में रहकर इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा (जेईई) की तैयारी कर रहा था। परिवार के अनुसार, कोटा से पढ़ाई पूरी करने के बाद वह ट्रेन से वापस आ रहा था। उसी दौरान रेलवे स्टेशन पर कोटा में कोचिंग छात्र ने ट्रेन के आगे कूदकर सुसाइड कर लिया। यह घटना उद्योग नगर थाना क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई रेल लाइन पर रविवार रात 8:30 बजे हुई। इसके बाद जीआरपी मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में पहुंचाया। देर शाम को पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर कोटा से सिरसा के लिए रवाना हुए। रात करीब 12 बजे परिवार वापस अपने घर पहुंचेंगे। इसके बाद मंगलवार सुबह शव का अंतिम संस्कार करवाया जाएगा। सरताज ने फोन कर कहा था कि ट्रेन लेट है सरताज सिंह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। पिता कुलदीप सिंह गांव में खेती-बाड़ी करते हैं। सरताज ने आते समय घर पर फोन कर कहा था कि ट्रेन लेट है, पर बाद में फोन नहीं उठाया। पुलिस ने ही फोन कर परिजनों को बताया। इसके बाद परिजन राजस्थान के लिए रवाना हुए। थाना अधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि शव को एमबीएस अस्पताल के पोस्टमॉर्टम रूम में भिजवाया। सरताज सिंह कोटा के राजीव गांधी नगर स्थित एक हॉस्टल में रहकर इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था।
सिरसा के छात्र की कोटा में मौत:ट्रेन की चपेट में आया, GRP ने सुसाइड बताया; माता-पिता का इकलौता बेटा था
