पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने दिव्यांग कर्मचारियों को अलग-अलग अंक देने की राज्य की ट्रांसफर पॉलिसी को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर हरियाणा को एक नोटिस जारी किया है। यह मानते हुए कि इस मुद्दे पर विचार-विमर्श की आवश्यकता है, हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने मामले को 18 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया है और सूबा सरकार को अपना जवाब दाखिल करने का समय दिया। हाईकोर्ट के जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और रोहित कपूर की पीठ के समक्ष प्रस्तुत याचिकाओं में ट्रांसफर पॉलिसी को चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया है 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता से पीड़ित कर्मचारी दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत एक समरूप वर्ग बनाते हैं, और दिव्यांगता की विभिन्न डिग्री के आधार पर अंक देना अस्वीकार्य है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि इस प्रकार का अलग अंकन अधिनियम में निहित वैधानिक योजना और समान व्यवहार के सिद्धांत का उल्लंघन करता है। 40% या उससे अधिक दिव्यांगता पर कोर्ट का ध्यान एक मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट एलके गोलेन पेश हुए, जबकि वरिष्ठ एडवोकेट जेएस तूर, वकील अधिराज तूर और जसबीर सिंह ने अन्य याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व किया। दोनों पक्षों की दलीलें दर्ज करते हुए, न्यायालय ने इस तर्क पर ध्यान दिया कि 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता से पीड़ित कर्मचारी एक समरूप समूह बनाते हैं, और इसलिए, दिव्यांगता की अलग-अलग सीमा के आधार पर अंक देना दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों का उल्लंघन करता है। इस संबंध में 6 नवंबर को उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए एक पूर्व निर्णय का हवाला दिया गया। सरकार बोली- ये हमारे अधिकार क्षेत्र में इस चुनौती का विरोध करते हुए, राज्य ने कहा कि नीति में सभी दिव्यांग कर्मचारियों को लाभ दिया गया है और अधिक दिव्यांगता वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त अंक देना सरकार के अधिकार क्षेत्र में है। न्यायालय ने राज्य के इस रुख को दर्ज किया कि तबादला नीति के तहत सभी दिव्यांग कर्मचारियों को उचित लाभ दिया गया है और राज्य को अधिक दिव्यांगता वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त अंक देने की स्वतंत्रता है। कोर्ट ने ये की टिप्पणी प्रारंभिक दलीलें सुनने के बाद, हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा, “मामले पर विचार करने की आवश्यकता है। तदनुसार, इसने प्रस्ताव की सूचना जारी की। अतिरिक्त महाधिवक्ता पंकज मिड्ढा ने प्रतिवादी-राज्य की ओर से सूचना स्वीकार की और उत्तर दाखिल करने के लिए समय मांगा है।
हरियाणा की ट्रांसफर पॉलिसी पर हाईकोर्ट का नोटिस:दिव्यांग कर्मचारियों को अलग-अलग नंबर देने का मामला; सरकार बोली-ये हमारे अधिकार क्षेत्र में
