Heritage of Uttarakhand: पहाड़ों में घट्ट या घराट कभी सिर्फ़ अनाज पीसने का साधन नहीं थे, बल्कि गांव की सामाजिक और सांस्कृतिक जीवनशैली का अहम हिस्सा थे. पानी की ताक़त से चलने वाले ये घट्ट प्राकृतिक जीवन और आत्मनिर्भरता का प्रतीक थे. धीरे-धीरे आधुनिक मशीनों और आटा चक्कियों के आने से इनकी उपयोगिता कम हुई, लेकिन ये घट्ट आज भी पहाड़ी संस्कृति और टिकाऊ जीवनशैली की याद दिलाते हैं.
जिनसे कभी बिना बिजली और मॉडर्न मशीन के पिसता था अनाज, आज पहाड़ों में खामोश हो गया उन्हीं पारंपरिक घट्टों का शोर
