हरियाणा में शिक्षा-पुलिस भर्ती के लिए स्पेशल एजेंसी की तैयारी:रेशलाइजेशन कमीशन की सिफारिश, 3 वजह बताई; 20 विभागों के पुनर्गठन के लिए कहा

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हरियाणा में शिक्षा, पुलिस और अन्य प्रमुख विभागों में भर्ती के लिए स्पेशल एजेंसी बनाने की ओर रास्ता खुलता दिख रहा है। हरियाणा के रेशलाइजेशन कमीशन ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सौंपी अपनी रिपोर्ट में प्रमुख विभागों में हो रही भर्तियों की देरी को देखते हुए अलग एजेंसी बनाने की सिफारिश की है। इसकी कमीशन ने तीन वजहें भी बताई हैं। कमीशन ने हरियाणा सरकार से अपनी रिपोर्ट में यह भी आग्रह किया है कि वह सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों की बढ़ती भर्ती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वैधानिक निकायों हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (HPSC) और हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (HSSC) की क्षमता में भी वृद्धि करनी चाहिए। इसके अलावा 20 विभागों के पुनर्गठन के लिए भी कमीशन ने कहा है। स्पेशल एजेंसी की क्यों कमीशन ने की सिफारिश…इसकी 3 वजहें 1. भर्तियों में देरी प्रमुख वजह
रेशलाइजेशन कमीशन ने इस साल की अपनी पहली रिपोर्ट में विशेष एजेंसी गठन किए जाने की पहली वजह भर्तियों में देरी को बताया है। कमीशन ने गौर किया है कि भर्ती प्रक्रिया में अक्सर देरी होती है और यह अक्सर मुकदमेबाजी में उलझी रहती है, जिससे नियुक्तियों में और भी देरी होती है। 2. देरी से विभागों में संविदा से होती है भर्ती
विशेष एजेंसी के गठन में आवश्यक कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में बताया गया है कि भर्ती में देरी के कारण विभागों को संविदा आधार पर मानव संसाधन लगाकर अस्थायी व्यवस्था करनी पड़ती है, जिससे जटिल प्रशासनिक और कानूनी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। 3. HPSC-HSSC देरी से भेजती हैं सिफारिशें
रेशलाइजेशन कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि यह सर्वविदित है कि असंख्य श्रेणियों से संबंधित रिक्तियों के लिए सिफारिशें समय-समय पर HPSC और HSSC को भेजी जाती हैं। विभिन्न विभागों द्वारा भेजे गए अनुरोधों के संबंध में सिफारिशें इन एजेंसियों से बहुत देरी से प्राप्त होती हैं, जिससे कई समस्याएं उत्पन्न होती हैं। कमीशन की रिपोर्ट में ये टिप्पणी
कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सरकारी नौकरी देने वाली एजेंसियों को मजबूत करना सरकार का सबसे जरूरी काम होना चाहिए। अगर खाली पदों पर समय-समय पर भर्ती होती रहे, तो इससे कामकाज से जुड़ी कई दिक्कतें दूर हो जाएंगी। कमीशन ने अब तक 20 विभागों को बेहतर बनाने के लिए सुझाव दिए हैं। इसमें ग्रुप B और C के कर्मचारियों को “कम काबिल और कम ट्रेंड” बताया गया है, जिससे काम ठीक से नहीं हो पा रहा है। बाकी 23 विभागों को सुधारने का काम अभी चल रहा है।