सीएम बोले-हनुमान की तरह असंभव काम करते हैं पंचायत सचिव:भोपाल में की घोषणाएं- 62 वर्ष में रिटायरमेंट, संविलियन के लिए बनेगी कमेटी

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सच्चे अर्थों में भारत की आत्मा गांवों में वास करती है। महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा- अगर भारत को आगे बढ़ाना है तो गांव, किसान और गरीब की प्रगति पर ध्यान देना होगा, देश अपने आप आगे बढ़ जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बेरोजगारों के हाथों में काम देकर उनके सपनों को साकार करने का प्रयास कर रही है। ग्रामीण अंचलों में छोटे-छोटे कारखाने और उद्योग लगेंगे तो देश स्वतः प्रगति करेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गरीब, महिला, युवा और किसान इन चार वर्गों को केंद्र में रखकर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में काम किया जा रहा है। पंचायत सचिव हैं पंचायत व्यवस्था की आत्मा सीएम ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था में सबसे मजबूत इकाई पंचायत है और उसकी आत्मा पंचायत सचिव हैं। चाहे कितना ही बड़ा IAS अधिकारी क्यों न हो, प्रधानमंत्री या राज्य सरकार का निर्णय—सबका वास्तविक क्रियान्वयन पंचायत स्तर पर ही होता है। उन्होंने कहा, “भगवान राम के समय जो असंभव कार्य हनुमान जी करते थे, आज वही काम हमारे पंचायत सचिव करते हैं।” प्रधानमंत्री आवास योजना, जल गंगा अभियान, हर घर जल योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन पंचायत सचिवों के माध्यम से ही होता है। कई बार लोग अपने परिवार से अधिक भरोसा पंचायत सचिव पर करते हैं और उन्हें अपने सुख-दुख का सहभागी मानते हैं। 2026 कृषि कल्याण वर्ष, पंचायत सचिवों की भूमिका अहम मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जिसमें 16 विभागों को जोड़ा गया है। इन सभी योजनाओं को हितग्राहियों तक पहुंचाने में पंचायत सचिवों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। डिजिटल युग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भले ही दुनिया में डरावने हालात दिखते हों, लेकिन गांवों ने कोविड काल से लेकर अब तक हर चुनौती का मजबूती से सामना किया है। सीएम की बड़ी घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंचायत सचिवों के लिए कई अहम घोषणाएं कीं पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल बोले- अनुकम्पा नियुक्ति पर न्यायालय में पहल पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने बताया कि समयमान वेतनमान का आदेश 2025 में जारी हो चुका है, अलग से आदेश की आवश्यकता नहीं है। अनुकम्पा नियुक्ति में पिछड़ा वर्ग आरक्षण के कारण उत्पन्न संकट को लेकर मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि सचिव की मृत्यु पर डेढ़ लाख रुपए की अनुग्रह राशि किस्तों में वापस लेने की व्यवस्था पर आज मुख्यमंत्री स्वयं घोषणा करेंगे तथा सचिव परिवारों के आयुष्मान कार्ड पर भी निर्णय होगा। गांवों को और अधिकार, बेहतर ढांचा मुख्यमंत्री ने कहा कि वृंदावन गांव योजना के तहत गांवों का विकास किया जा रहा है। सरपंचों को जहां 25 लाख रुपए तक के कार्य स्वीकृत करने का अधिकार दिया गया है, वहीं पंचायत सचिवों को भी अधिकार संपन्न बनाया जाएगा। हर पंचायत में सुसज्जित कार्यालय, अटल भवन, सामुदायिक भवन और पंचायत प्रतिनिधियों व कर्मचारियों का प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। “जहां बुलाओगे, वहां आऊंगा” मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा,“सरकार के अभी तीन साल हैं। बार-बार आना-जाना होगा। आप जहां बुलाओगे, मैं वहां आ जाऊंगा।” पंचायत सचिव सरकार और जनता के बीच सेतु प्रदेश अध्यक्ष राजेश पटेल ने कहा कि यह सम्मेलन मात्र औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि पंचायत व्यवस्था को सशक्त करने और सरकार की योजनाओं को जमीन पर उतारने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा 2026 को कृषि कल्याण वर्ष घोषित किए जाने के संकल्प में पंचायत सचिवों की भूमिका केंद्रीय है। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस शासनकाल में 509 रुपए मानदेय पर काम करने वाले सचिवों को आज भाजपा सरकार ने सम्मान दिया है। राजेश पटेल ने प्रमुख मांगें रखते हुए कहा— कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान भारतीय मजदूर संघ के कुलदीप सिंह गुर्जर ने कहा कि ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहां मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेकर निर्णय न लिया हो। वर्षों से लंबित कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण हुआ है। सभी मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंप दिया गया है और सरकार के संकल्पों को पूरा करने के लिए सभी प्रतिबद्ध हैं।