इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी से 24वीं मौत:महिला ने इलाज के दौरान तोड़ा दम; बेटा बोला-26 दिसंबर को मां की हालत बिगड़ी थी

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इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी कांड के मामले में गुरुवार को एक और मौत हो गई। जिससे मृतकों की संख्या अब 24 हो गई है। भागीरथपुरा में रहने वाली सुभद्राबाई पति बसंतराव पंवार (78) की एक प्राइवेट हॉस्पिटल में सुबह मौत हो गई। बेटे मनीष ने बताया कि 26 दिसंबर को दूषित पानी पीने के बाद मां की हालत बिगड़ी थी। उन्हें काफी उल्टी-दस्त हुए थे। 28 दिसंबर को उन्हें चरक हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था। 31 दिसंबर को डिस्चार्ज करने के दौरान एक हफ्ते की मेडिसिन दी गई थी लेकिन पांचवें दिन उनकी हालत फिर खराब हो गई। उन्हें 8 जनवरी को चरक हॉस्पिटल और फिर शैल्बी हॉस्पिटल में ले गए तो से उन्हें दूसरे हॉस्पिटल रेफर करने की सलाह दी। इस पर इसी दिन उन्हें मेट्रो हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था, जहां गुरुवार को उनकी मौत हो गई। परिजन का कहना है कि उन्हें ब्लड प्रेशर, डायबिटीज सहित कोई बीमारी नहीं थी। मनीष ने बताया कि 25 दिसंबर पत्नी प्रिया की भी उल्टी-दस्त होने के कारण तबीयत खराब हो गई थी। इस पर उन्हें वर्मा हॉस्पिटल में एडमिट किया था। उन्हें 29 दिसंबर को डिस्चार्ज किया गया जबकि एक दिन पूर्व मां की हालत खराब हुई। मनीष का कहना है कि मां के इलाज में डेढ़ लाख रु. और पत्नी के इलाज में भी 38 हजार रु. खर्च हुए हैं। इंदौर में दूषित पानी से मौतों पर हाईकोर्ट में सुनवाई इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौत मामले में गुरुवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें मुख्य सचिव अनुराग जैन वर्चुअल उपस्थित हुए। सीएस ने कोर्ट को बताया कि मामले में जिम्मेदारों को निलंबित किया गया है और अस्पताल में भर्ती सभी लोगों का फ्री इलाज किया जा रहा है। जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें कई कोमोरबिड (दूसरी बीमारियां) थे। कोर्ट ने अगली सुनवाई 20 जनवरी को तय की है। जिसमें शासन को पूरी स्थिति स्पष्ट करते हुए विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। रहवासी वरुण गायकवाड़ के एडवोकेट ऋषि आनंद चौकसे ने बताया कि आज हुई सुनवाई में शासन की ओर से एडवोकेट ने बताया कि कुल मौत 23 हुई हैं। जिनमें से 15 की पुष्टि दूषित पानी से हुई है। 8 लोगों की मौतों के दूसरे कारण भी हो सकते हैं। उन्हें दूसरी बीमारियां भी थी। मामले में कोर्ट ने विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा है कि दूषित पाने से कितने लोगों की मौत हुई है। अगली तारीख पर भी मुख्य सचिव को वर्चुअल उपस्थित होने को कहा गया है। नर्मदा और ड्रेनेज का काम तेजी से किया जा रहा भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से आज भी कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 3 लोग अभी भी वेंटिलेटर पर हैं। सैकड़ों लोग अस्पताल में अपना इलाज करा चुके हैं। अब भागीरथपुरा में नर्मदा और ड्रेनेज का काम तेजी से किया जा रहा है। हालांकि इस काम के चलते रास्ते उबड़-खाबड़ जरूर हो गए है, लेकिन लोगों को उम्मीद है कि इस काम से उनके यहां हुई त्रासदी से मुक्ति मिल जाएगी। चौकी के सामने भी शुरू हुआ काम, अंदर भी ऐसे ही हालत भागीरथपुरा टंकी के पास बने गार्डन और भागीरथपुरा चौकी के सामने वाली रोड पर नर्मदा की लाइन डालने का काम शुरू हो गया है। नर्मदा के पाइप डालने के लिए यहां पर जेसीबी से सड़क खोदी जा रही थी। साथ ही यहां पर लाइन डालने के लिए पाइप रखे हुए थे। यहां काम करने वालों का कहना था कि नर्मदा की लाइन डालने का काम किया जा रहा है। यहीं से थोड़ा आगे बढ़ने पर भागीरथपुरा के अंदर जाने पर भी ड्रेनेज और नर्मदा लाइन का काम किया जा रहा था। यहां एक चाय की दुकान के सामने से जा रही रोड पर जेसीबी से जो खुदाई कर लाइन डाली गई, उसे भरने का काम चल रहा था। जिसके कारण यहां से लोगों की आवाजाही लगभग ना के बराबर ही थी। रास्ता बंद होने के कारण लोग गलियों से आना-जाना करते नजर आए। इससे आगे बढ़ने पर अंदर जहां आयुष्मान आरोग्य मंदिर बना है। उसके सामने भी लाइन डालने का काम किया गया। उससे थोड़ा आगे बढ़ने के बाद स्थिति ऐसी थी कि रोड़ पर कीचड़ फैला हुआ था। जगह-जगह रोड उबड़-खाबड़ हो रही थी। जिससे दो पहिया वाहन चालकों के साथ ही पैदल चलने वालों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। 5 याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में दूषित पेयजल से जुड़े मामलों में दायर 5 याचिकाओं पर आज एक साथ सुनवाई हुई। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सरकार के जवाब को असंवेदनशील बताते हुए कड़ी फटकार लगाई थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि इस घटना ने देश के सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि स्वच्छ पेयजल केवल इंदौर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के नागरिकों का मौलिक अधिकार है। यदि भविष्य में जरूरत पड़ी तो दोषी अधिकारियों पर सिविल और क्रिमिनल जिम्मेदारी तय की जाएगी। यदि पीड़ित परिवारों को मुआवजा कम मिला है, तो उस पर भी अदालत निर्देश दे सकती है। 8 मरीजों का आईसीयू में चल रहा इलाज
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के मुताबिक, गुरुवार को इंडेक्स आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की मदद से हेल्थ कैंप का आयोजन किया गया। एक मरीज डायरिया का मिला, जिसे भागीरथपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। वहीं भागीरथपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर गुरुवार को 3 मरीज डायरिया की शिकायत लेकर पहुंचे थे, जिनका वहीं उपचार किया गया। देखा जाए तो वर्तमान में अस्पतालों में 27 मरीज भर्ती है, इनमें से 8 आईसीयू में है और इनमें 3 वेंटिलेटर पर है। जिनका इलाज चल रहा है। ये खबर भी पढ़ें… भागीरथपुरा हादसा : अभी भी 33 मरीज एडमिट भागीरथपुरा दूषित पानी के मामले में मंगलवार को डायरिया के 5 मरीज सामने आए। हालांकि गंभीर नहीं होने से उन्हें सामान्य ट्रीटमेंट ही दिया गया। अस्पताल में एडमिट मरीज 39 से घटकर 33 हो गए हैं। इनमें से 10 आईसीयू में हैं। इनमें से तीन मरीज लंबे समय से वेंटिलेटर पर हैं और उनकी हालत में खास सुधार नहीं हुआ है।पूरी खबर पढ़ें