चंद्रशेखर पुलिसवालों से बोले- गोली मार दो:मुजफ्फरनगर में रोका, VIDEO कॉल पर दलित बेटी बोली- मेरे भाई को जिंदा जलाया गया

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भीम आर्मी चीफ और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद मंगलवार को मेरठ में मारे गए सोनू कश्यप के परिवार से मिलने मुजफ्फरपुर पहुंचे थे। लेकिन सोनू के घर से थोड़ी दूर पहले ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया। पुलिस ने बीच सड़क ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर दी और काफिले को आगे बढ़ने नहीं दिया। चंद्रशेखर की गाड़ी को चारों ओर से घेर लिया। इससे सांसद भड़क गए। उन्होंने कहा- प्रदेश में कहीं कुछ भी हो जाए, मैं लोगों का दुख बांटने भी नहीं जा सकता। पुलिस का काम अपराध रोकना है। लेकिन कोई दुख बांटने जाए तो उसे नहीं रोका जा सकता। चुनाव में तो वोट मांगने सब जाते हैं, दुख में दुख बांटने कौन जाता है? मुझे लगता है कि मैं राजनीतिक अछूत हो गया हूं। अगर पुलिस मुझे नहीं मिलने देगी तो बेशक मुझे गोली मार दे। चंद्रशेखर को तीन सीओ समझाते नजर आए। इस दौरान सड़क पर जाम लग गया। उनका काफिला शहर के भोपा पुल के नजदीक नवीन पेट्रोल पंप के पास रोका गया था। तीन विजुअल देखिए… पहले जानिए सोनू कश्यप कौन था? दरअसल, मुजफ्फरनगर के नगर कोतवाली क्षेत्र के किला मोहल्ले में रहने वाले सोनू कश्यप की मेरठ में सरधना थाना क्षेत्र के ज्वालागढ़ गांव में 5 जनवरी को ईंट मारकर हत्या की गई थी। साक्ष्य मिटाने के लिए लाश को मोबिल ऑयल डालकर जला दिया गया था। उसकी अधजली लाश मिली थी। पुलिस इस मामले का खुलासा कर चुकी है। एक नाबालिग को गिरफ्तार कर चुकी है। लेकिन लोगों का कहना है कि सोनू कश्यप को जिंदा जलाकर मारा गया। हत्या का आरोप गांव के ठाकुर बिरादरी के युवकों पर है। हत्याकांड को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट में परिजनों और समर्थकों ने धरना प्रदर्शन कर आरोपियों को फांसी देने, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की थी। सरधना विधायक अतुल प्रधान ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर एक लाख रुपए की आर्थिक मदद की थी। भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दे सकते हैं… सोनू के घर से दो किमी पहले चंद्रशेखर को रोका
सोनू के घर से करीब 2 किमी पहले नई मंडी थाना क्षेत्र में भोपा पुल पर पुलिस ने बीच सड़क पर ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर चंद्रशेखर आजाद के काफिले को आगे बढ़ने से रोक दिया। सीओ सिटी सिद्धार्थ मिश्रा, सीओ नई मंडी राजू कुमार साव, सीओ जानसठ रूपाली राव और थाना सिविल लाइन प्रभारी आशुतोष कुमार सहित कई थानों का पुलिस बल मौजूद रहा। तीनों सीओ ने चंद्रशेखर से आगे न जाने का आग्रह किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। हालांकि चंद्रशेखर सोनू के परिवार से मिलने की बात पर अड़े रहे। मैं अकेले जाने को तैयार हूं, और क्या करूं
चंद्रशेखर ने कहा- घटना मेरठ में हुई है। यहां कोई तनावपूर्ण हालात तो नहीं है। मुझे परिवार के लोगों से नहीं मिलने दिया जा रहा। अगर पुलिस मुझे मेरी गाड़ी से नहीं जाने देना चाहती तो मुझे पुलिस अपनी गड़ी से ले जाए। मैं अकेले जाने को तैयार हूं। मैं पीड़ित परिवार से मिलना चाहता हूं, उनके दुख काे बंटना चाहता हूं। अगर पुलिस मुझे उनसे मिलने नहीं देगी तो मुझे गोली मार दे। मैं जबतक जिंदा हूं लोगों की आवाज बनकर काम करता रहूंगा। मुझे दो साल पहले गोली लगी थी, लेकिन मैं शांत नहीं बैठा। अगर मैं चारपाई पर भी रहूंगा तो भी मैं जनता के बीच जाता रहूंगा। अगर मुझे रोकना है तो बेशक पुलिस मेरी हत्या कर दे। स्थिति को संभालने के लिए चंद्रशेखर आजाद को पुलिस लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में ले गई। वहां परिवार को बुलाने की बात कही गई। हालांकि दो घंटे बाद भी पीड़ित परिवार को पुलिस लेकर नहीं पहुंची तो चंद्रशेखर ने वीडियो कॉल पर सोनू की बहन और मां से बात की। वीडियो कॉल पर की बात
सांसद ने परिजनों से कहा- आप दोनों रोइए मत। मैं आपके साथ हूं। मामले में कोई दोषी न बचे, कोई निर्दोष न पकड़ा जाए, यही मैं भी चाहता हूं। मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। आपको 50 लाख का मुआवजा मिले। ताकि आपका परिवार अपने पैरों पर खड़ा हो सके। सोनू की मां से चंद्रशेखर ने कहा कि आज तो पुलिस ने मुझे रोक लिया है लेकिन मैं बहुत जिद्दी आदमी हूं। हो सकता है कि मैं 4 घंटे बाद आपके घर पहुंच जाऊं। मैं न्याय के लिए हर दीवार को तोड़ सकता हूं। बहन बोली- जैसे मेरे भाई को जलाया, वैसे आरोपी को जलाओ
सोनू की बहन ने रोते हुए कहा- जैसे मेरे इकलौते भाई को जलाया गया, वैसे ही हत्यारों को जलाया जाए। भले ही उसके बाद मुझे भी जला दिया जाए। मैं भी मरने के लिए तैयार हूं। लेकिन कोई आरोपी जिंदा नहीं बचना चाहिए। पुलिस ने एक नाबालिग लड़के को पकड़ा है। भला एक लड़का 24 साल के लड़के को अकेले कैसे जलाकर मार सकता है। पुलिस की जांच से मैं संतुष्ट नहीं हूं। चंद्रशेखर ने करीब 7 मिनट तक परिवार से बात की। उसके बाद काफिला लौट गया। तीन दिन पहले भी पुलिस ने मेरठ जाने से रोका था फोर्स को ढकेलते हुए डिवाइडर कूदे, कार छोड़कर बाइक पर बैठे मेरठ में दलित महिला की हत्या कर उसकी बेटी को अगवा कर लिया गया था। तीन दिन पहले परिवार से मिलने जा रहे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने गाजियाबाद के डासना बॉर्डर पर रोक लिया। डिवाइडर फांदकर हाईवे की ओर बढ़े तो भारी संख्या में पुलिस फोर्स ने उन्हें रोका। इस दौरान चंद्रशेखर की पुलिस से बहस हुई। उनके बीच कई मिनट तक धक्का-मुक्की होती रही। गुस्सा में चंद्रशेखर ने कहा- हाथ मत लगाना, हाथ हटाइए। इसके बाद नगीना सांसद पुलिस फोर्स को ढकेलते हुए निकले और हाईवे पर दौड़े लगे। फिर हाईवे पर दूसरे साइड जाकर बाइक पर ट्रिपलिंग की और 25 किलोमीटर दूर भोजपुर पहुंचे। यहां भी पुलिस ने रोका। पढ़ें पूरी खबर… —————– ये खबर भी पढ़ें मिर्जापुर में बेटे ने सौतेली मां-भाई की हत्या की:बांके से दोनों का गला काटा; लाश जलाने जा रहा था, रास्ते में पुलिस ने पकड़ा मिर्जापुर में सौतेले बेटे ने मां-भाई की बांके से गला काटकर हत्या कर दी। उसने मां का शव घर से 2 किलोमीटर दूर नहर में फेंक दिया। बाद में वह भाई की लाश को ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लादकर जलाने जा रहा था, तभी बीच तिराहे पर शव ट्रॉली से नीचे गिर गया। पूरी खबर पढ़ें