हरियाणवी डांसर सपना चौधरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने उनके पासपोर्ट रिन्युअल के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) जारी करने के आदेश दिए हैं। इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने सपना को NOC देने से मना कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि उन्हें कब और क्यों किस देश की यात्रा करनी है, इसके बारे में सपना ने कोई जानकारी नहीं दी है। जबकि उनके विदेश जाने पर कोई रोक नहीं है। सपना चौधरी के खिलाफ 2018 में लखनऊ में एक शो रद्द होने के बाद धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था। हाई कोर्ट की टिप्पणी- पासपोर्ट और विदेश यात्रा दो अलग मुद्दे
धोखाधड़ी के इस मामले की सुनवाई लखनऊ की ट्रायल कोर्ट में चल रही है। जून 2024 में सपना ने अपना पासपोर्ट रिन्यू कराने के लिए कोर्ट से NOC मांगी थी, जिसे ट्रायल कोर्ट ने नामंजूर कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि सपना ने अपनी विदेश यात्रा का ब्योरा और उद्देश्य स्पष्ट नहीं किया। इसके बाद ट्रायल कोर्ट के फैसले को सपना ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। जस्टिस पंकज भाटिया की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया। कोर्ट ने आदेश में कहा… पासपोर्ट जारी न होना व्यक्ति के अधिकारों का उल्लंघन है। पासपोर्ट जारी करना एक अलग मुद्दा है और बिना अनुमति देश छोड़ना एक अलग शर्त। आगामी यात्रा के लिए डॉक्यूमेंट न जमा करने पर उनकी NOC नहीं रोकी जा सकती। 2 बच्चों की मां, देश छोड़कर नहीं भागूंगी
सुनवाई के दौरान सपना चौधरी की ओर से दलील दी गई कि वह 2 बच्चों की मां हैं। भारत में उनकी काफी संपत्ति है। उनका पूरा करियर और परिवार यहां है, इसलिए उनके देश छोड़कर भागने का कोई सवाल ही नहीं है। इस मामले में पहले 7 जनवरी को हुई सुनवाई हुई थी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने एनओजी जारी करने के आदेश दिए हैं।
हरियाणवी डांसर सपना चौधरी को हाईकोर्ट से राहत:पासपोर्ट रिन्यू के लिए NOC मिलेगी, लखनऊ ट्रायल कोर्ट ने लगाई थी रोक
