डॉग लवर्स सड़कों पर उतरे:भिवानी में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध, बोले- कुत्तों के वोट होते तो शेल्टर होम नहीं भेजते

Spread the love

हरियाणा के भिवानी में कुत्तों के समर्थन में डॉग लवर्स सड़कों पर उतरे और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के द्वारा हाल ही में कुत्तों को शेल्टर होम में भेजे जाने के फैसले का विरोध किया। युवाओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस फैसले को वापस लेना होगा। नहीं, तो आने वाले समय में राष्ट्रीय व्यापी प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने नो डोग नो वोट का नारा भी दिया। भिवानी गो रक्षा दल के प्रधान संजय परमार ने कहा कि अगर इन कुत्तों के वोट होते तो इन्हें शेल्टर होम में नहीं भेजते, लेकिन कुत्तों के वोट नहीं हैं इसलिए इन्हें शेल्टर होम में भेजा जा रहा है। प्रशासन द्वारा शेल्टर होम तक नहीं बनाए गए हैं। अगर एक साथ अनेक कुत्तों को रखा जाएगा तो उनकी जान को खतरा है। जानिए प्रदर्शनकारियों ने क्या-क्या कहा… कुत्तों को छोड़, अन्य अपराधों पर रोक लगाने की मांग
भिवानी में गोरक्षकों ने कुत्तों को पकड़ने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया और कोर्ट से अपना फैसला वापस लेने की मांग की। उन्होंने कुत्तों को छोड़ने, अन्य अपराधों पर रोक लगाने और पुराने फैसलों को लागू करने की भी मांग की। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों से शेल्टर हाउस भेजने के आदेश दिए थे, जिसके विरोध में गोरक्षक खड़े दिखे। बंदर, बिल्ली, मच्छर-मक्खी को भी शेल्टर होम भेजें
गोरक्षक संजय परमार ने कहा कि यदि कुत्ते इंसानों के लिए खतरा हैं, तो बंदर, बिल्ली, मच्छर और मक्खी भी खतरा हैं। इसलिए, उन्हें भी शेल्टर होम भेजा जाना चाहिए। देश में हर साल 78 हजार बलात्कार के मामले होते हैं और हर घंटे तीन हत्याएं होती हैं। उन्होंने मांग की कि कुत्तों से पहले इन अपराधों पर लगाम लगनी चाहिए और सुप्रीम कोर्ट को नए फैसलों से पहले अपने 2005 के गोहत्या रोकने के फैसले को लागू करवाना चाहिए। एक भी शेल्टर ऐसा नहीं, जहां कुत्तों की सही देखभाल हो सके
गोरक्षक बिजेंद्र नौरंगाबाद ने कहा कि देश में एक भी शेल्टर हाउस ऐसा नहीं है जहां कुत्तों की सही से देखभाल हो सके। सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ उतरने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्होंने अपील दायर की थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। दिल्ली में विरोध जारी है और अगर यह फैसला वापस नहीं हुआ तो आंदोलन पूरे देश में जोर पकड़ेगा।