फतेहाबाद जिले के टोहाना में मंगलवार को आयोजित अटल स्मृति सम्मेलन में पूर्व मंत्री देवेंद्र बबली ने 2024 के विधानसभा चुनाव में अपनी हार के लिए राज्यसभा सांसद सुभाष बराला पर निशाना साधा। उन्होंने बिना नाम लिए कटाक्ष किया। बबली ने शायराना अंदाज में कहा, “हमें तो अपनों ने लूटा गैरों में कहां दम था, मेरी किश्ती वहां डूबी जहां पानी कम था।” इस टिप्पणी को बराला पर परोक्ष हमला माना जा रहा है। उन्होंने अपनी हार का विश्लेषण करते हुए बताया कि 2019 के चुनाव में उन्हें एक लाख से अधिक वोट मिले थे, जबकि इस बार उन्हें 80 हजार वोट मिले, जिससे 20 हजार वोटों का अंतर रहा।बबली ने टोहाना की जनता से 2015 से 2019 के बीच के कार्यकाल को याद करने को कहा, जब सुभाष बराला विधायक थे। उन्होंने 2019 से 2024 के बीच के कार्यकाल की तुलना करने का भी जिक्र किया। प्रदेश सरकार कर रही जीरो टॉलरेंस नीति पर काम : बबली कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने पंचायत मंत्री कार्यकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सहयोग से हरियाणा के पंचायत विभाग में भ्रष्टाचार खत्म करने का दावा किया। बबली ने यह भी कहा कि उनके कार्यकाल में टोहाना में किसी अधिकारी की जेब काटने की हिम्मत नहीं होती थी, और वह अब भी किसी को पैर पसारने नहीं देंगे। बबली ने सुशासन दिवस पर सभी से गलत के खिलाफ आवाज उठाने और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त न करने का संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है, इसलिए किसी भी भ्रष्टाचार की सूचना तुरंत दी जानी चाहिए। पूर्व मंत्री बोले- वह जहां हैं, वहीं रहेंगे उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो का भी जिक्र किया, जिनमें उनके भाजपा छोड़ने की बात कही जा रही थी। बबली ने स्पष्ट किया कि वह जहां हैं, वहीं रहेंगे और कहीं नहीं जाएंगे। इस कार्यक्रम में भाजपा के जिला अध्यक्ष प्रवीण जोड़ा और हरियाणा सरकार में चेयरमैन भारत भूषण मिढ्ढा भी मंच पर मौजूद थे। बता दें कि, हरियाणा भाजपा में तकरार कम होने का नाम नहीं ले रही है, एक तरफ जहां फरीदाबाद में भाजपा के मंत्रियों के बीच तनातनी देखने को मिलती है। वहीं टोहाना में भी राज्यसभा सांसद सुभाष बराला और पूर्व मंत्री देवेंद्र बबली के बीच 36 का आंकड़ा किसी से छुपा नहीं है।
टोहाना में पूर्व मंत्री ने राज्यसभा MP पर साधा निशाना:देवेंद्र बबली बोले- मेरी किश्ती वहां डूबी जहां पानी कम था, जहां है-वहीं रहेंगे
