भास्कर का रियलिटी चेक-भोपाल मेट्रो से तेज दौड़ी साइकिल:डीबी मॉल-RKMP जाने में 3 मिनट, मेट्रो को 7 लगे; 30Km में ‘कछुआ चाल’ ही रहेगी

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कहने को भोपाल देश का 26वां मेट्रो शहर है, लेकिन यहां की मेट्रो की रफ्तार ‘कछुआ चाल’ जैसी है। एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक जाने में 4 से 5 मिनट लग रहे हैं, जबकि दूरी 1 किलोमीटर भी नहीं है। 7 किमी का सफर 25 मिनट का है, लेकिन स्टेशन पर इंटर से एग्जिट करने तक में 1 घंटा तक लग रहा है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर मीम्स भी बन रहे हैं। मेट्रो की स्पीड को लेकर उठ रहे इन्हीं सवालों को लेकर दैनिक भास्कर ने 2 तरह से रियलिटी चेक किया। भास्कर के 2 रिपोर्टर ने डीबी मॉल स्टेशन से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में बैठकर सफर किया, जबकि 2 अन्य रिपोर्टर ने साइकिल से मेट्रो से रेस लगाई। दोनों की रेस में साइकिल मेट्रो से आगे निकल गई। करीब दो किमी के सफर में मेट्रो को 7 मिनट लगे, लेकिन यही दूरी साइकिल से महज 3 मिनट में पूरी हो गई। भोपाल मेट्रो की फुल स्पीड 90Km प्रतिघंटा तक है। जब ट्रायल हुए, तब इसी रफ्तार से मेट्रो ट्रैक पर दौड़ाई गई थी, लेकिन वर्तमान में यह 20 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ही चल रही है। इसकी मुख्य वजह कम दूरी पर मेट्रो स्टेशन बनाए जाने हैं। ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर सुभाषनगर से एम्स तक कुल 8 में से एक भी स्टेशन ऐसा नहीं है, जिसकी दूरी 1 किमी भी हो। ऐसे में मेट्रो की स्पीड ही नहीं बढ़ पाती। मेट्रो का 2 तरीके से रियलिटी चेक…एक रिपोर्टर साइकिल और दूसरा मेट्रो से मेट्रो से 22 मिनट में पूरा हुआ सफर
स्थान- डीबी मॉल मेट्रो स्टेशन
समय- सुबह 10.50 बजे
सुभाषनगर स्टेशन से सुबह 10.55 बजे मेट्रो की शुरुआत का शेड्यूल है, जो 11.02 बजे डीबी मॉल स्टेशन पहुंचती है। इसलिए भास्कर की एक टीम सुबह 10.50 बजे डीबी मॉल स्टेशन पर पहुंच गई। टिकट काउंटर पर पहुंचे और 2 टिकट लिए। फिर उस हिस्से में पहुंचे, जहां से मेट्रो में सफर शुरू होता है। ठीक 11.02 बजे मेट्रो स्टेशन पर पहुंच गई। मेट्रो चली और अगला स्टेशन एमपी नगर आया, जिसे 1 किमी की दूरी तय करने में 4 मिनट लगे। इसके बाद अगला स्टेशन रानी कमलापति आया। जहां ठीक 11.09 बजे मेट्रो रुकी। 2 किमी का सफर 7 मिनट में पूरा हुआ, जबकि टिकट लेने से लेकर सफर तक में 19 मिनट बीत चुके थे। अब रानी कमलापति स्टेशन से बाहर निकलने की बारी थी। चूंकि, ज्यादा भीड़ नहीं थी। इसलिए 3 मिनट में बाहर निकल गए। इस तरह मेट्रो में सफर, स्टेशन आने-जाने में कुल 22 मिनट का वक्त लग गया। साइकिल से 3 मिनट में पूरा हो गया सफर
स्थान- डीबी मॉल स्टेशन से बाहर
समय- सुबह 11.02 बजे
भास्कर की एक टीम मेट्रो के अंदर सवार थी, जबकि दूसरी टीम स्टेशन के बाहर डॉ. अंबेडकर ओवरब्रिज पर साइकिल लेकर खड़ी थी। जैसे ही मेट्रो ट्रैक पर दौड़ी, साइकिल से रेस शुरू हो गई। एमपी नगर स्टेशन तक तो मामला बराबरी जैसा ही रहा, लेकिन अगले स्टेशन पर साइकिल मेट्रो से पहले पहुंच गई। डीबी मॉल से रानी कमलापति स्टेशन तक सिर्फ 3 मिनट में सफर पूरा हो गया। इसके उलट मेट्रो को 7 मिनट लगे। यह रफ्तार दोनों प्रोजेक्ट में…क्योंकि स्टेशनों की दूरी ही कम
भोपाल में मेट्रो की दो लाइन- ऑरेंज और ब्लू पर काम चल रहा है। ऑरेंज लाइन में 7 किमी के प्रायोरिटी कॉरिडोर सुभाषनगर से एम्स के बीच मेट्रो का कमर्शियन रन भी शुरू हो चुका है। इसी ऑरेंज लाइन के दूसरे फेज में 8 और ब्लू लाइन में 14 स्टेशन बनेंगे। खास बात ये है कि इन दोनों रूट पर ही मेट्रो की अधिकतम रफ्तार 20 किमी प्रतिघंटा तक ही रहने का अनुमान है, क्योंकि स्टेशनों की दूरी को लेकर डिजाइन ही ऐसी बनाई गई है। दोनों रूट की कुल लंबाई 30.9 किलोमीटर है। इस पर कुल 30 स्टेशन बनेंगे। यानी, औसत 1 किलोमीटर पर एक स्टेशन आएगा। भोपाल मेट्रो के बारे में सिलसिलेवार जानिए… ऑरेंज लाइन फेस-1: एम्स से सुभाषनगर तक
ऑरेंज लाइन के फेस-1 में एम्स से सुभाषनगर तक यह प्रायोरिटी कॉरिडोर है। इस रूट पर करीब 7 किमी की दूरी में 8 स्टेशन- सुभाषनगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम ऑफिस तिराहा, अलकापुरी और एम्स है। दूरी और संख्या के आंकड़े से समझा जा सकता है कि किसी भी स्टेशन के बीच 1 किमी की दूरी भी नहीं है। 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल खट्‌टर ने हरी झंडी दिखाकर मेट्रो का उद्घाटन किया। वहीं, 21 दिसंबर से कमर्शियल रन शुरू हो गया। यानी, उद्घाटन के साथ ही भोपाल मेट्रो सिटी बन गया। ऑरेंज लाइन फेस-2: सुभाषनगर से करोंद
ऑरेंज लाइन के दूसरे फेस में सुभाषनगर से करोंद की कुल दूरी 9.74 किमी लंबा है, लेकिन स्टेशन 8.77 किमी में होंगे। इसमें से 5.38 Km हिस्से में 6 एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन बनेंगे, जिस पर 650 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस काम की शुरुआत हो चुकी है। पुल बोगदा, ऐशबाग, सिंधी कॉलोनी, डीआईजी बंगला, कृषि उपज मंडी और करोंद चौराहा पर स्टेशन बनेंगे। वहीं, बाकी 3.39 किमी रूट अंडरग्राउंड होगा। इसमें 2 मेट्रो स्टेशन भोपाल रेलवे स्टेशन व नादरा बस स्टैंड भी रहेंगे। यह पूरा काम 890 करोड़ रुपए में होगा। इस रूट में आरा मशीनें समेत अतिक्रमण है। अधिकांश अड़चनें दूर कर ली गई हैं। भोपाल रेलवे स्टेशन के बाद अंडरग्राउंड टर्निमल बनाने वाली मशीनें आएंगी। इसके लिए जमीन भी समतल किया जा चुका है। अब भोपाल की ब्लू लाइन के बारे में जानिए
भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा के बीच करीब 13 किमी लंबे मेट्रो ट्रैक पर चलने वाली ब्लू लाइन के लिए 550 स्थानों पर सॉयल टेस्टिंग हुई है। इसकी लागत करीब 1006 करोड़ रुपए है। पीएंडटी चौराहे पर पिलर भी बनने लगे हैं।
इस रूट पर कुल 14 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें एक स्टेशन कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर पर भी प्रस्तावित है। ये स्टेशन राजभवन के ठीक सामने होगा। 14वें स्टेशन के तौर पर बोगदा पुल (इंटरचेंज) सेक्शन बनाया जा रहा है, जहां करोंद चौराहा से एम्स के बीच बनने वाली ऑरेंज लाइन और भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा के बीच चलने वाली ब्लू लाइन का इंटरचेंज होगा। यह एक ऐसा सेक्शन होगा, जहां यात्री एक मेट्रो से उतरकर दूसरी में सवार हो सकेंगे। पुल बोगदा के पास का हिस्सा सुभाष नगर से एम्स (प्रायोरिटी ट्रैक) के पास ही है, इसलिए इंटरचेंज सेक्शन पर भी शुरू कर दिया गया है। यहां रास्ता डायवर्ट हो चुका है।
इस रूट पर भदभदा चौराहा, डिपो चौराहा, जवाहर चौक, रोशनपुरा चौराहा, केटीसीसी, परेड ग्राउंड, प्रभात चौराहा, गोविंदपुरा, गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र, जेके रोड, इंद्रपुरी, पिपलानी व रत्नागिरी तिराहा स्टेशन आएंगे। अब समझिए, भोपाल में दो रूट कौन से?
20 दिसंबर को देश में मेट्रो चलाने वाला भोपाल देश में 26वां शहर बन गया। 21 दिसंबर से कमर्शियल रन शुरू हो चुका है। भोपाल में मेट्रो के 2 रूट पर काम चल रहा है। पहला ऑरेंज लाइन, जो एम्स से करोंद के बीच है, जबकि दूसरा ब्लू लाइन, जो भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तक है।