गार्ड का शव रखकर प्रदर्शन पर उतरा परिवार:मुआवजा देने की सहमति पर अंतिम संस्कार हुआ, आरोपी अरेस्ट

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कानपुर में शुक्रवार देर रात सिक्योरिटी गार्ड के सीने में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों ने शव रखकर हंगामा किया। निर्माणाधीन महर्षि महेश योगी कृषि विश्वविद्यालय में अलाव में लकड़ी रखने को लेकर झगड़ा हुआ। यहीं पर साथी सिक्योरिटी गार्ड ने गोली मारी थी। रविवार को विश्वविद्यालय के गेट पर परिवार के लोग प्रदर्शन पर उतर आए। करीब साढ़े पांच घंटे तक परिवार ने हंगामा और प्रदर्शन किया। परिवार ने संबंधित सिक्योरिटी एजेंसी नेशनल सिक्योरिटी से मृतक निर्मल सिंह की कैंसर पीड़ित पत्नी के इलाज के लिए, बेटी की परवरिश और वृद्ध मां की देखभाल के लिए 50 लाख रुपए मुआवजा और पेंशन दिए जाने की मांग की। कहा- अगर पैसे नहीं मिले तो कैंसर पीड़ित पत्नी का इलाज कौन कराएगा? स्थिति तनावपूर्ण देखते हुए बिल्हौर, अरौल, ककवन और शिवराजपुर थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय विधायक राहुल बच्चा सोनकर भी पहुंचे। उन्होंने सिक्योरिटी कंपनी से फोन पर बात की। इसके करीब एक घंटे बाद सिक्योरिटी कंपनी ने मुआवजा देने बात कही। इसके बाद हंगामा खत्म हुआ और शव का अंतिम संस्कार हुआ। उधर, सिक्योरिटी गार्ड निर्मल सिंह चंदेल की हत्या के आरोपी अनिरुद्ध द्विवेदी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 3 तस्वीरें देखिए- एक ने लकड़ी लाई तो दूसरे ने अलाव में रख दी थी
औरंगपुर सांभी गांव निवासी 45 साल के निर्मल सिंह चंदेल उर्फ नीरज खेती के साथ-साथ विश्वविद्यालय परिसर में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे। शुक्रवार रात करीब 2.30 बजे वह अन्य गार्डों के साथ अलाव ताप रहे थे।
इसी दौरान गांव निवासी दूसरा सिक्योरिटी गार्ड अनिरुद्ध द्विवेदी निर्मल की लाई गई लकड़ियां अलाव में डालने लगा। निर्मल ने कहा- मेरी लाई लड़कियां क्यों जला दी। खुद क्यों नहीं लाते। बस इसी के बाद दोनों के बीच गाली-गलौज शुरू हो गई। सीने में मारी गोली, मौके पर ही गिर पड़े निर्मल
झगड़ा इतना बढ़ गया कि अनिरुद्ध ने अपनी लाइसेंसी दोनाली बंदूक से निर्मल के सीने के बाईं ओर गोली मार दी। गोली लगते ही निर्मल जमीन पर गिरकर तड़पने लगे। मौके पर मौजूद अन्य सिक्योरिटी गार्ड जब आरोपी को पकड़ने दौड़े तो वह गोली मारने की धमकी देते हुए जंगल की ओर फरार हो गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
सूचना पर पहुंची पुलिस घायल गार्ड निर्मल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिल्हौर ले गई, जहां डॉक्टरों ने निर्मल को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। निर्मल की पत्नी कैंसर से जूझ रही, चल नहीं पाती
निर्मल परिवार में अकेला कमाने वाला था। घर में बुजुर्ग मां राधा सिंह, कैंसर पीड़ित पत्नी पुष्पा और 12 साल की बेटी तनिष्का हैं। पत्नी पिछले 5 साल से कैंसर से जूझ रही हैं। पिछले छह माह से दोनों पैर काम न करने के कारण असहाय हैं। निर्मल ड्यूटी के बाद पत्नी की सेवा में जुट जाते थे। अब निर्मल की हत्या के बाद परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। पत्नी बेसुध हैं। बेटी बोली- पापा दिन में बीमार मां की देखभाल करते, रात में ड्यूटी बेटी तनिष्का ने बताया- पहले पापा खेती करते थे। बीमार मां की दवा के लिए पैसों की ज्यादा जरूरत पड़ने लगी तो नौकरी करना शुरू किया था। दिन में मां की देखभाल होती रहे, इसलिए रात की ड्यूटी करते थे। शाम को 6.30 बजे जाते थे। गांव के और लोग भी वहां नौकरी करते हैं, उन्हीं के साथ उनकी बाइक से ड्यूटी जाते थे। अब पापा नहीं रहे तो मां की देखभाल कैसी होगी। इलाज कौन कराएगा। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया बिल्हौर थाना इंस्पेक्टर अशोक कुमार सरोज ने बताया- छोटे भाई रोहित सिंह की तहरीर पर अनिरुद्ध द्विवेदी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। गांव के ही एक अन्य सिक्योरिटी गार्ड श्याम ने कहा- निर्मल मेरे साथ ही ड्यूटी पर आते-जाते थे। शुक्रवार रात निर्मल और अनिरुद्ध मेन गेट पर ड्यूटी पर थे। देर रात निर्मल फोन कर मुझे बुलाते हैं। मैं पहुंचा तो निर्मल ने कहा कि अनिरुद्ध को यहां से ले जाओ, बेवजह विवाद कर रहे हैं। तब मैं अनिरुद्ध को साथ अपने साथ ले आया था। कुछ देर बाद अनिरुद्ध मेन गेट पर आ गए। दोनों के बीच फिर विवाद हुआ, इसके बाद गोली चलने की आवाज सुनाई दी। मैं पीछे वाले गेट से भागकर पहुंचा तो निर्मल को गोली लगी थी। पीड़ित परिवार को 13 लाख का चेक देगी महेश महर्षि संस्था पीड़ित परिवार को विद्यालय बनवा रही महेश महर्षि संस्था की ओर से 13 लाख रुपए की चेक कल सोमवार को देने का आश्वासन दिया गया है। जबकि नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी के ठेकेदार की तरफ से एक लाख और विधायक राहुल बच्चा सोनकर की तरफ एक लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई। ——————— ये खबर भी पढ़िए- मेयर ने पार्षद को सस्पेंड किया, उसके वार्ड की सच्चाई: आबादी 3000, किसी के घर टॉयलेट नहीं, इसीलिए लड़के कुंवारे; शहर का पॉश इलाका ”हमें हर दिन टॉयलेट की लाइन में लगना पड़ता है। बच्चे स्कूल जाने में लेट हो जाते हैं। कोई रिश्तेदार हमारे घर नहीं आता। हमारे बेटे कुंवारे बैठे हैं। बेटियों की शादी की, लेकिन दामाद को यहां आना पसंद नहीं। क्योंकि हमारे घर पर निजी टॉयलेट नहीं है।” ये दर्द है कानपुर के वार्ड-37 के संतलाल के हाता में रहने वाले लोगों का। शुक्रवार को नगर निगम के सदन में हुए हंगामे के बाद मेयर प्रमिला पांडेय ने यहां के पार्षद पवन गुप्ता को आगामी 4 बैठकों के लिए सस्पेंड कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…