नस्लीय हिंसा का शिकार हुए त्रिपुरा के एक छात्र ने आखिरकार दो हफ्ते तक जिंदगी और मौत से जंग लड़ने के बाद दम तोड़ दिया है. वजह सिर्फ इतनी थी कि उसने व उसके भाई ने अपने ऊपर की जा रही नस्लीय टिप्पणी का विरोध किया था.
नस्लीय हमले में त्रिपुरा के अंजेल की मौत, बार-बार कमेंट करने पर किया था विरोध
