पिथौरागढ़: पत्थरचट्टा एक औषधीय पौधा है, जिसे आयुर्वेद में पाषाणभेद कहा जाता है. यह किडनी की पथरी, पेशाब में जलन और सूजन में लाभकारी माना जाता है. इसके रसीले पत्तों का रस पथरी को गलाने और शरीर से बाहर निकालने में सहायक होता है।
टूट टूटकर निकलेगी पथरी, अगर कर लिया इस रामबाण पौधे का इस्तेमाल
