Tips and Tricks : बागेश्वर के जंगलों में पाई जाने वाली चीड़ के पेड़ की छिलुक लकड़ी माचिस की तरह तुरंत आग पकड़ लेती है. सर्दियों में यह अलाव और चूल्हा जलाने का प्रमुख साधन है. ग्रामीण महिलाएं इसे जंगलों से इकट्ठा कर लाती हैं. अब यह बाजार में 50 से 100 रुपये प्रति गट्ठर बिक रही है. सर्दियों में जब नमी के कारण सामान्य लकड़ी जल्दी नहीं जलती, तब छिलुक लकड़ी पहाड़ों के लिए सबसे भरोसेमंद ईंधन मानी जाती है.
माचिस लगाते ही पकड़ती है आग, सर्दियों का सबसे बड़ा सहारा, ये लकड़ी असली हीटर
