हरियाणा में सिरसा के रहने वाले सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवान सुरजीत सिंह का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। ढूकड़ा गांव में बेटे राहुल और अश्वनी ने उन्हें मुखाग्नि दी। सुरजीत सिंह गुवाहाटी में तैनात थे। 20 दिसंबर को वह छुट्टी से ड्यूटी जा रहे थे। गुवाहाटी में ट्रक पलटने से वह शहीद हो गए। मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर पहले राजस्थान सीमा से सटे गुड़ाया खेड़ा गांव लाया गया। यहां अंतिम दर्शन के बाद दोपहर 2 बजे पार्थिव शरीर ढूकड़ा गांव लाया गया। यहां परिवार के लोगों ने अंतिम दर्शन किए। इसके बाद गांव के श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। शहीद सुरजीत सिंह के अंतिम दर्शन के PHOTO… अभय चौटाला भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे
सुरजीत सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए ऐलनाबाद से कांग्रेस विधायक भरत सिंह बेनीवाल, इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला, भारतीय जनता पार्टी से हनुमान, प्रकाश ममेरा, सीमा सुरक्षा बल से इंस्पेक्टर मोंटू सिंह, पंचायत समिति चेयरमैन सूरजभान, गांव ढूकड़ा के सरपंच रमेश सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। वर्ष 2013 में एसएसबी जॉइन की थी
सुरजीत सिंह के पिता भंवरलाल सिंह किसान हैं। सुरजीत 3 भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके भाई अमर सिंह और रमेश कुमार (वीएलडीए) हैं। सुरजीत सिंह ने गांव ढूकड़ा के राजकीय स्कूल से दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वर्ष 2013 में SSB जॉइन की थी। l दो बच्चों के पिता थे सुरजीत
सुरजीत सिंह की शादी गांव नेजाडेला कलां की सीमा रानी से हुई थी, उनके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा राहुल दसवीं कक्षा और छोटा बेटा अश्वनी सातवीं कक्षा में पढ़ता है। परिजनों ने बताया कि सुरजीत सिंह 20 दिसंबर को 15 दिन की छुट्टी बिताकर ड्यूटी पर लौटे थे। ड्यूटी जॉइन करने के कुछ ही देर बाद उनके शहीद होने की खबर आई। सुरजीत सिंह ने गांव में खेल ग्राउंड बनवाने के लिए काफी प्रयास किए और सेना की तैयारी कर रहे युवाओं का मार्गदर्शन किया।
सिरसा में SSB जवान को दोनों बेटों ने मुखाग्नि दी:मां ने चेहरा देख रोते हुए सैल्यूट किया; गुवाहाटी में ट्रक पलटने से हुए शहीद
