सिरसा CEO को लेकर MLA सेतिया-मंत्री गंगवा में बहस:विधानसभा में माइनर-सीवरेज समस्या का मुद्दा उठाया, अफसरों को शह देने के लगाए आरोप

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हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पहले दिन सिरसा के विधायक गोकुल सेतिया ने भम्भूर माइनर एवं धिकतानियां माइनर का मुद्दा उठाया। कहा कि भम्भूर माइनर का डिजाइन बनने के लिए कुरुक्षेत्र एनआईटी में भेजा हुआ है। मांग की कि इसका एस्टीमेट जल्द बनवाकर टेंडर किया जाए। धिकतानियां माइनर, जिसका चार्ज एसई कंस्ट्रक्शन हिसार के पास चार्ज है। बेसिक रेवेन्यू स्टाफ इसमें नहीं है। इसका चार्ज रेवेन्यू स्टाफ सिरसा काे देते हैं। इसलिए कि इनका ग्रामीणों का आपस में तालमेल नहीं है। इसके लिए एक कमेटी बनाए जाए। इसकी कमेटी ना बनाए तो यह इरिगेशन सिरसा को ट्रांसफर किया जाए, ताकि रेवेन्यू स्टाफ का काम ढंग से पूरा हो सके। विधायक गोकुल सेतिया बोले, मेरे सिरसा विधानसभा क्षेत्र में एक एपिसोड हुआ था, सीईओ जिला परिषद है। ये एक ऐसा व्यक्ति है, जिसने गांवों का ऐसा बुरा हाल कर दिया है कि लोग नर्क की जिंदगी व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने गांवों में बदहाली की कुछ तस्वीरें भी विधानसभा स्पीकर को दिखाई। उन्होंने कहा कि, इस बारे में जब सीईओ को कहा जाता था कि आप धरातल पर आकर काम देखिए तो फोन पर जवाब देता कि मैं किसी का गुलाम नहीं हूं। विधयक सेतिया ने विधानसभा में कहा, स्पीकर साहब गुलाम तो हम सभी है, जो वोट लेते हैं। सीईओ का गैरजिम्मेदाराना रवैया था, इसके लिए 30 जून को पंचायत मंत्री को एप्लिकेशन 19 अगस्त को सीएम और अनुराग रस्तोगी को दी। 19 अगस्त को साकेत कुमार और 25 अगस्त को मुख्य सचिव और स्पीकर साहब को दी। मगर इस प्रकार ये अफसरों को शह देने का काम सरकार कर रही है। क्या सरकार को ये देखकर मजा आ रहा है। ऐसे अफसर अपनी तानाशाही चलाने का काम कर रहे हैं। लोग दिन-प्रतिदिन परेशान हो रहे हैं। जानिए, विधायक सेतिया और मंत्री गंगवा के बीच क्या बात हुई विधायक सेतिया बोले, अगर पब्लिक हेल्थ की बात करें तो सिरसा में बहुत बुरा हाल है। साल 2024 से 2025 तक एक करोड़ 17 लाख रुपए सुपर शकर मशीन के लिए, एक करोड़ 18 लाख डी-शिल्टिंग सुपर शकर मशीन से काम करने के लिए पैसा आया। इस पर पब्लिक मंत्री रणबीर गंगवा से जवाब मांगा और कहा कि मंत्री की जीरो प्रतिशत परफार्मेंस है। इस पर कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा जवाब देते हुए बोले, मैं क्या सह देके आया, लक्षण तो आपके सही नहीं है, किस बात की शह दे दी, बताएं। तभी विधायक सेतिया और मंत्री गंगवा की आपस में बहस हो गई। डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिढ्‌ढा ने दोनों को चुप कराया और कहा कि सेतिया जी आप मर्यादा भूल रहे हैं। अमर्यादित भाषा का प्रयोग न करें। उनके साथ कांग्रेस विधायकों ने भी समर्थन किया। मंत्री रणबीर गंगवा बोले, सीएम साहब वहां पर गए थे और मैं भी उनके साथ गया था। उन्होंने ही अधिकारियों की मीटिंग ली थी। मुझे कह रहे हैं कि मैं शह देके आया हूं।