मिली जानकारी के अनुसार ये दोनों अपनी किया कार में बथेरी में अपने दोस्त की शादी में शामिल होने निकले मगर उससे कुछ पहले ही गांव दरलोग में इनकी कार बेकाबू होकर लगभग 600 मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरी। दोनों की मौका पर ही मौत हो गई। अंधेरा होने के चलते इस दुर्घटना का पता देरी से चला तथा शवों को सड़क तक लाने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी।
पधर थाना पुलिस की टीम ने मौके पर शवों को अपने कब्जे में लिया तथा इन्हें पोस्टमार्टम के लिए जोनल अस्पताल मंडी भेजा। पोस्टमार्टम के बाद इन्हें परिजनों के हवाले कर दिया। सेना की गाड़ी में पूरे सैन्य सम्मान के साथ इनके पैतृक गांवों बाल्हड़ा व दूसरा खाबू में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। मृतक सैनिक महेंद्र कुमार जेएंडके राइफल में अपनी सेवाएं दे रहा था।
नितेश के नाना के बताया कि वह बहुत अच्छा खिलाड़ी भी था और सेना की ओर से सोलन में खेलों में भाग लेने के बाद दोस्त की शादी में शामिल होने के लिएघर आया था। नितेश का परिवार मूलत बल्द्धाड़ा तहसील के बाल्हड़ा का रहने वाला है और नितेश के पिता सुरेश कुमार भी आर्मी में सेवाएं देते हुए वर्ष 1994 में चंबा में शहीद हो गए थे। नितेश अपने माता पिता का इकलौता बेटा था। अब उनके जाने के बाद परिवार में माता, पत्नी और दो बच्चे ही बचे हैं।
एसपी मंडी साक्षी वर्मा ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के उपरांत दोनों जवानों के शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। पधर थाना की टीम ने बीएनएस की धारा 106 व 281 के तहत मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।
