पंजीकरण के बाद भी किसान परेशान, अधिक नमी बताकर वापस किया जा रहा धान

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मझिलगांव के किसान कल्पनाथ ने बताया कि उन्होंने धान की कटाई से पहले अक्टूबर माह में ही पंजीकरण करा लिया था। इसके बावजूद केंद्र पहुँचने पर उनका धान नहीं तोला जा सका। इसी गांव के शिवप्रकाश ने बताया कि यदि धान में नमी अधिक पाई जाती है तो उसे वापस लौटा दिया जाता है और किसानों से कहा जाता है कि घर ले जाकर सुखाकर पुनः लाएं। लगातार आना-जाना किसानों के लिए अतिरिक्त बोझ बन गया है। करहा गांव के किसान लंबरी ने बताया कि उन्होंने 13 नवंबर को पंजीकरण कराया था, लेकिन कई दिनों से प्रयास के बावजूद धान की तौल नहीं हो पा रही है।

केंद्र प्रभारी रवि कुमार का बताया कि किसानों की तौल नियमित रूप से कराई जा रही है। जिनका धान सूखा होता है, उसमें किसी प्रकार की कटिंग नहीं की जाती। वहीं अधिक नमी वाला धान मानक के अनुरूप न होने के कारण वापस किया जा रहा है।