कारागृह में बंदियों द्वारा तैयार किए जा रहे ये कंबल उनकी मेहनत और हुनर को दर्शाते हैं। उप निदेशक उद्योग पीयूष अग्रवाल ने बताया कि पुलिस विभाग ने कुल दो हजार हवालाती कंबलों का कार्यादेश दिया था, जिसमें से यह 810 कंबलों का पहला चरण सफलतापूर्वक भेजा गया है। शेष कंबलों की आपूर्ति भी जल्द ही सुनिश्चित की जाएगी।
जेल प्रशासन के अनुसार बंदियों को रेपियर लूम जैसी आधुनिक मशीनों पर प्रशिक्षण दिया गया है। इन आधुनिक उपकरणों की मदद से कारागृह में प्रतिदिन 80 से 100 ऊनी कंबल तैयार किए जा रहे हैं। इस अवसर पर शिवांगन स्पिनर के अनिरुद्ध सिंह, जेलर विकास बागोरिया, डिप्टी जेलर दिलावर खान सहित अन्य अधिकारी और प्रहरी उपस्थित रहे।
