कलेक्टर ने जिला आपूर्ति अधिकारी से सभी उपार्जन केन्द्रों में उपार्जित धान को आकस्मिक वर्षा से बचाव हेतु तिरपाल का इंतजाम करने तथा वर्षा जल के निकासी हेतु आवश्यक व्यवस्था करने सहित अन्य रणनीति बनाने के संबंध में भी चर्चा की तथा आवश्यक दिशानिर्देश दिए। जिला आपूर्ति अधिकारी को ट्रांसपोर्टर, उपार्जन केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था, धान के उठाव सहित अन्य व्यवस्थाओं का व्यक्तिगत रूप से निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपार्जन केन्द्रों में मशीनों की उपलब्धता के साथ ही सभी मशीन चालू रहे, यह सुनिश्चित किया जाए। समिति स्तर पर भी धान उपार्जन होने के संबंध में भी चर्चा की। उन्होंने सर्वेयर की ट्रेनिंग तथा मानक गुणवत्ता रखरखाव संबंधी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी नोडल अधिकारी अपने क्षेत्र के उपार्जन केन्द्रों का भ्रमण कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें तथा उपार्जन केंद्र पर किसी प्रकार की समस्या होने पर उसका निराकरण तत्काल करना सुनिश्चित करें। सभी सर्वेयरों को धान उपार्जन की अवधि के दौरान उपार्जन केंद्र में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए। उपार्जन केन्द्र में धान के व्यवस्थित एवं सुरक्षित रखने हेतु उचित व्यवस्था तथा धान की गुणवत्ता परीक्षण हेतु उपकरण की उपलब्धता, किसानों को राशि का भुगतान सहित अन्य विभिन्न महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए। बैठक में जिला आपूर्ति अधिकारी अनीता सोरते, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सीमा सिन्हा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
