अनिता हत्याकांड में तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास

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उदावास निवासी 32 वर्षीय अनिता देवी की शादी वर्ष 2006 में घलड़ाना खुर्द निवासी सीआरपीएफ जवान नरेश कुमार से हुई थी। विवाह के बाद दंपती के बीच संबंध बिगड़ते गए और मामला पारिवारिक न्यायालय में तलाक तक पहुंच गया। छह सितम्बर 2018 को अनिता तलाक केस की पेशी पर झुंझुनू आई थी। शाम को वह पैदल ही उदावास के लिए गाड़ोदिया की ढाणी की तरफ लौट रही थी तभी गाड़ोदिया की ढाणी के निकट पीछे से आई एक बिना नंबर की बोलेरो कैंपर ने अनिता को जबरदस्त टक्कर मारी और लगभग 50 फीट तक घसीटते हुए ले गई। इसके बाद आरोपी वाहन को दो-तीन बार आगे-पीछे ले जाकर अनिता के ऊपर से निकालते रहे। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना को प्रत्यक्षदर्शियों ने देखा और तत्काल परिजनों को सूचना दी।

शुरुआती दौर में पुलिस इसे सड़क दुर्घटना मानकर जांच करने लगी। लेकिन मृतका के भाई सुनील कुमार जो फौज में कार्यरत हैं ने मौके पर आकर मामले में हत्या की आशंका जताई और पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। सुनील ने थाने में रिपोर्ट दी कि उसकी बहन को उसके पति नरेश ने जान से मारने की धमकियां दी थीं। सुनील के अनुसार घटना वाले दिन बोलेरो कैंपर और एक सफेद बोलेरो सुबह से ही रोड पर चक्कर लगा रही थीं। अटल सेवा केंद्र के पास दोनों गाड़ियों के लोग आपस में बातचीत करते दिखाई दिए। इसके बाद बोलेरो कैंपर अनिता के पीछे निकली और उसे कुचल डाला।

सुनील ने रिपोर्ट में स्पष्ट आरोप लगाया कि घटना के समय कैंपर गाड़ी में उसका बहनोई नरेश कुमार मौजूद था। इसके साथ ही बुआ का लड़का रामकुमार, ताऊ की पुत्रवधू सुशीला और भतीजा नवीन भी इस साजिश में शामिल थे। सुनील ने कहा कि उसकी बहन ने करीब 11 महीने पहले भी एसपी झुंझुनू को पति की धमकियों के खिलाफ लिखित शिकायत दी थी। लेकिन इसके बाद भी नरेश लगातार उसे धमकाता रहा।

पहले पुलिस ने इसे सामान्य हादसा मानते हुए कार्यवाही की लेकिन बाद में मामला हत्या में दर्ज हुआ। जांच के दौरान मृतका की कॉल डिटेल आरोपी नरेश के मोबाइल लोकेशन और चश्मदीदों के बयान जुटाए गए। कई महीनों की जांच के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी के रूप में सिकंदर को गिरफ्तार किया जो आरोपी पति नरेश का फुफेरा भाई है। पूछताछ में सामने आया कि सिकंदर ने नरेश के इशारे पर दिनभर अनिता की रैकी की थी और शाम को सुनसान जगह देखकर बोलेरो कैंपर से जानबूझकर टक्कर मारी। मौके से गाड़ी भगाकर ले जाई गई थी जो बाद में बरामद हुई। जांच में एक्सीडेंट का कोई लॉजिक नहीं मिला और पूरे घटनाक्रम ने इसे योजनाबद्ध हत्या साबित कर दिया।