रविवार को निकले नगर किर्तन में पुष्प से सुसज्जित सवारी पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को विराजमान कर पांच निशानची और पांच प्यारे की अगुवाई में नगर कीर्तन गुरुद्वारा साहिब से तड़के सुबह शुरू हुआ।
स्त्री सत्संग सभा और कीर्तन मंडली ने पूरे रास्ते धर्म हेत साका जिनि कीआ सीसु दीआ परु सिररु न दीआ.. एवं गुर चरणी जा का मनु लागै दूखु दरदु भृमु ता का भागै.. एवं हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर..जैसे कई शबद गायन कर कॉलोनी की गलियों में भक्ति की सरिता बहाई।
गुरुद्वारा के हेड ग्रंथी ज्ञानी जिवेन्द्र सिंह ने श्री गुरु ग्रंथ साहब की चवर सेवा की और अर्जुन देव मिड्ढा,आशु मिड्ढा एवं नवीन मिड्ढा ने श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया।
नगर कीर्तन कृष्णा नगर कॉलोनी की विभिन्न गलियों और चौक चौराहों से गुजरा और अंत में गुरुद्वारा साहिब के दर्शन दिउड़ी गेट पहुंचकर मनीष मिड्ढा के अरदास के साथ समाप्त हुआ।
सत्संग सभा के मीडिया प्रभारी नरेश पपनेजा ने बताया कि महिला श्रद्धालुओं ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज की सवारी के आगे जल छिड़काव कर और झाड़ू लगाकर पूरे रास्ते की साफ सफाई की। सभी चौक चौराहों पर श्रद्धालुओं ने नगर कीर्तन पर पुष्प वर्षा की। साथ ही नमकीन,मिष्ठान प्रसाद,चाय तथा दूध की सेवा कर नगर कीर्तन का भव्य स्वागत किया।
सत्संग सभा के अध्यक्ष अर्जुन देव मिड्ढा ने समूह साध संगत के श्रद्धा भाव के साथ इस नगर कीर्तन में शामिल होने पर खुशी जाहिर करते हुए इसी तरह गुरु घर से जुड़े रहने का आह्वान किया।
साथ ही 25 नवंबर को श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी गुरुपर्व के उपलक्ष में सत्संग सभा की ओर से सुबह सजाए जाने वाले दीवान में इसी तरह बढ़-चढ़कर हाजरी भरने की अपील की।
नगर कीर्तन में द्वारका दास मुंजाल,सुंदर दास मिढ़ा,सुरेश मिढ़ा, हरगोबिंद सिंह,महेश सुखीजा, बिनोद सुखीजा, अनूप गिरधर, नरेश पपनेजा,अशोक गेरा,कवलजीत मिड्ढा,मोहन काठपाल, सुभाष मिड्ढा,लक्ष्मण दास मिढा, पवनजीत सिंह खत्री सहित सैकड़ों श्रद्धालु शामिल थे।
