खेलों के साथ-साथ लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने मेले के माहौल को और जीवंत बना दिया है। शनिवार शाम को मेला ग्राउंड में युवाओं के लिए खास प्रस्तुति का आयोजन किया जाएगा। सुरस बैंड और कबीर कैफे बैंड अपने लोकप्रिय गीतों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। वहीं, शुक्रवार रात प्रसिद्ध लोकगायक कुटले खान ने अपने सुपरहिट गीतों केसरिया बालम, छाप तिलक सब छीनी और सानू एक पल चैन न आवे से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
आने वाले दिनों में दाे नवंबर काे पद्मश्री गुलाबो देवी अपनी टीम के साथ कालबेलिया डांस की प्रस्तुति देंगी।
तीन नवंबर काे बॉलीवुड नाइट में सिंगर रूप कुमार राठौड़ और सोनाली राठौड़ लाइव परफॉर्मेंस देंगे।
पांच नवंबर काे मेला समापन तक सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं और पशु प्रदर्शनी का सिलसिला जारी रहेगा।
मेले में भीड़ को देखते हुए अजमेर से पुष्कर के बीच यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। एक नवंबर की दोपहर 12 बजे से लेकर छह नवंबर तक वन-वे सिस्टम लागू रहेगा। वाहन चालकों को क्यूआर कोड स्कैन कर निर्धारित पार्किंग स्थलों तक पहुंचने की अनुमति दी जाएगी। पुष्कर मेले में इस बार भी दुर्लभ और महंगे पशु आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। पांच साल का 15 करोड़ रुपये का घोड़ा बादल, 800 किलो का भैंसा, 16 इंच की मिनी गाय और अंबानी के घोड़े का बेटा खास चर्चा में हैं। वहीं, काजू-बादाम खाने वाला घोड़ा और एसी वाहन से आने वाले पशु भी लोगों का ध्यान खींच रहे हैं।
शाम को पुष्कर सरोवर के 52 घाटों पर सवा लाख दीपकों से आरती हुई। आसमान में आतिशबाजी की चमक के साथ पूरा पुष्कर आस्था और रोशनी से नहाया रहा।
