आंगनबाड़ी केंद्रों का उद्देश्य बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा, पौष्टिक आहार, स्वास्थ्य जांच और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है, लेकिन हकीकत में मुसीखाप के केंद्र इन सभी सुविधाओं से कोसों दूर हैं।
कई केंद्र अब भी निजी मकानों में संचालित हो रहे हैं, जहां न बच्चों के बैठने की समुचित व्यवस्था है, न खेलने की सामग्री और न ही पीने के स्वच्छ पानी की सुविधा। बच्चों को अक्सर फर्श पर बैठना पड़ता है और बरसात में पानी रिसने से पढ़ाई बाधित हो जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी अब तक मूकदर्शक बने हुए हैं। अभिभावकों ने चिंता व्यक्त की है कि इस बदहाल व्यवस्था में बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों खतरे में हैं।
ग्राम पंचायत मुसीखाप के पंचायत समिति सदस्य प्रवेश साव उर्फ ठेघु भाई ने शनिवार को बताया कि यह मामला कई बार बाल विकास परियोजना अधिकारी के समक्ष उठाया गया है। कई बार बैठक में भी उठाया गया पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने विभाग से जल्द भवन की मरम्मत और सभी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अपील की है कि मुसीखाप के आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति पर तत्काल ध्यान दिया जाए, ताकि मासूम बच्चों को सुरक्षित, शिक्षाप्रद और स्वस्थ वातावरण मिल सके जैसा कि इन केंद्रों की स्थापना का मूल उद्देश्य था।
