प्रधान संदीप सिंगरोहा व उपप्रधान जितेंद्र सैनी ने बताया कि राज्य कमेटी के बार-बार अनुरोध के बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा संसाधन उपलब्ध करवाए बिना एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों को अपने निजी मोबाइल से स्वास्थ्य कार्यक्रमों की रिपोर्ट को ऑनलाइन करने के लिए बाध्य किया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा स्वास्थ्य कर्मचारियों के स्वयं के मोबाइल में विभिन्न कार्यक्रमों की एप को डाअनलोड करने पर बाध्य किया जा रहा है। जोकि कर्मचारी यह तानाशाही सहन नही करेंगे।
एसोसिएशन की मुख्य मांगें एनएचएम के कर्मचारियों के सेवा नियमों अनुसार एमपीएचडब्ल्यू (फिमेल) का ग्रेड पे 4200 लागू करवाने, नियमित कर्मचारियों के समान वर्दी भत्ता व यात्रा भत्ता लागू करवाना, सेवानिवृत्त पर एक मुश्त राशि को लागू करवाना एवं नियमित भर्ती में अनुभव के आधार पर वरीयता लागू करवाना शामिल हैं। बताया कि बिना कोई संसाधन उपलब्ध करवाए व बिना प्रशिक्षित कर्मचारी की नियुक्ति के बहुउद्देश्यीय वर्ग के कर्मचारियों पर ऑनलाइन रिपोर्टिंग के लिए नाजयज दबाव बनाया जा रहा है एवं शोषण किया जा रहा है। जिसके विरोध स्वरूप 25 अक्टूबर को सभी ऑनलाइन रिपोर्टिंग का बहिष्कार पूरे प्रदेश में होगा जिसके लिए विभाग को अग्रिम सूचना भेज दी गई है।
