पानीपत में दिवाली पर बढ़ा प्रदूषण, सांस लेने में हो रही दिक्कत

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पानीपत में जहां लोग दीवाली की खुशी मनाते हैं, वहीं पटाखों से निकलने वाला धुआं लोगों के फेफड़ों पर बुरा असर डालता है। हर साल सांस के मरीजों को दीवाली के समय परेशानी उठानी पड़ती है। सबसे ज्यादा बुजुर्ग लोगों को इस समस्या का सामना करना पड़ता है। पानीपत में औद्योगिक क्षेत्र के विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब लगभग 110 से अधिक फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं और दिवाली पर जलाए जाने वाले पटाखे, मिलकर प्रदूषण की मात्रा बढ़ा देते हैं। इस मौसम में हवा ठंडी और स्थिर रहने से धूल और धुआं नीचे की ओर फैल जाते हैं, जिससे सांस लेने में परेशानी बढ़ जाती है।

उन्होंने बताया कि शहर के सेक्टर 25, रिफाइनरी क्षेत्र, सिवाह और समालखा रोड पर हवा की गुणवत्ता हर साल दीवाली के बाद सबसे खराब स्तर पर दर्ज की जाती है। इस साल भी इसके आंकड़े फिर लोगों के लिए परेशानी बनेंगे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आरओ भूपेंद्र चहल ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी विभाग ने फैक्ट्रियों को उत्सर्जन सीमित रखने के आदेश जारी किए हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में निरीक्षण बढ़ाया गया है। इसके अलावा स्कूलों और बाजारों में ग्रीन दिवाली अभियान चलाया जा रहा है।