घटना जयनगर थाना क्षेत्र की है, जहां रविवार शाम पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि, कुंजनगर में कुछ लोग खुले में जुआ खेल रहे हैं। पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण और जुआ खेल रहे युवक इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान एक युवक अंधेरे में भागते हुए गहरे कुएं में जा गिरा। ग्रामीणों को देर रात पता चला कि वह युवक कुएं में डूब गया है। जब शव को बाहर निकाला गया तो पूरा गांव सन्न रह गया। मृत युवक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था, जिससे आक्रोश और बढ़ गया।
गांव में मातम पसरा हुआ था, लेकिन कुछ ही देर में गुस्से में भरे सैकड़ों ग्रामीण जयनगर थाने की ओर कूच कर गए। देखते ही देखते थाने का माहौल हिंसक हो गया। भीड़ ने थाने में प्रवेश कर तोड़फोड़ शुरू कर दी और पुलिसकर्मियों पर हमला बोल दिया। लाठी-डंडों और पत्थरों से हुए हमले में एडिशनल एसपी समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। एक महिला भी इस झड़प में जख्मी हुई। स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस ने अन्य थानों से फोर्स बुलवाई। विश्रामपुर, भटगांव और सूरजपुर से बल भेजा गया। रात करीब दस बजे से लेकर एक बजे तक थाने का घेराव चलता रहा। अंततः अतिरिक्त बल के पहुंचने के बाद हालात पर किसी तरह काबू पाया गया।घटना के बाद से ही क्षेत्र में तनाव का माहौल है। ग्रामीणों ने एनएच-43 को जाम कर दिया और पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। उनका आरोप है कि, पुलिसकर्मी जुआ पकड़ने की कार्रवाई के नाम पर अवैध वसूली करते हैं। लोगों ने मृतक के परिवार को मुआवजा देने और दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग उठाई।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस घटना को बेहद गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और किसी भी निर्दोष को नुकसान न पहुंचे, इसका ध्यान रखा जाएगा। फिलहाल मृतक युवक का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
