इस अवसर पर कलाकारों ने लोगों को भूकंपरोधी भवन निर्माण, आपदाओं के समय बरती जाने वाली सावधानियों तथा भूकंप, भूस्खलन और आग लगने की स्थिति में अपनाए जाने वाले उपायों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने नुक्कड़-नाटक के माध्यम से बताया कि आपदाओं से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता और तत्परता ही है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे आपदा से संबंधित जानकारियां अपने परिवार, बच्चों और बुजुर्गों के साथ साझा करें, ताकि आपदा के समय सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। कार्यक्रम के दौरान लोगों को भूकंप के समय झुको, ढको और पकड़ो की रणनीति तथा आग लगने की स्थिति में रुको, झुको और लुढ़को की तकनीक के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया। साथ ही लोगों से आग्रह किया कि भवन निर्माण से पूर्व उचित वास्तुकार से परामर्श लेकर ही भूकंपरोधी निर्माण सामग्री का प्रयोग करें, जिससे आपदाओं के समय नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।
भूकंप के समय अपनाएं झुको, ढको और पकड़ो की रणनीति
